section 55
विनियम बनाने की शक्ति
The Madhya Pradesh Electricity Reforms Act, 2000(1) आयोग, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के अधीन अपने कार्यों के पालन के लिए विनियम बना सकेगा। (2) विशिष्टतया तथा पूर्वगामी उपबंधों तथा इस अधिनियम के में विनिर्दिष्ट रूप से उपबंधित विषयों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसे विनियमों में निम्नलिखित समस्त विषयों या किसी विषय के लिए उपबंध किए जा सकते (क) आयोग के कामकाज का प्रशासन, जिसमें उसकी प्रशासनिक, अर्द्ध न्यायिक तथा न्यायिक शक्तियों का प्रयोग, माध्यस्थम तथा प्रक्रिया, आयोग का सम्मिलन बुलाना तथा सम्मिलन आयोजित करना, समय तथा स्थान जिस पर सम्मिलन आयोजित किया जाएगा और आयोग के कारबार का संचालन सम्मिलित है; (ख) आयोग के सचिव, अधिकारियों तथा कर्मचारियों के कर्तव्य; (ग) अनुज्ञप्तिधारियों को और इस अधिनियम की धारा 16 के अधीन छूट प्राप्त व्यक्तियों को तथा विद्युत के उत्पादन, क्रय, पारेषण, वितरण एवं प्रदाय में अंतर्ग्रस्त अन्य व्यक्तियों को समनुदेशित किए जाने वाले कृत्यों का अवधारण, ऐसी रीति जिसमें ऐसे कृत्यों का निर्वहन किया जाएगा और ऊर्जा प्रणाली तथा विद्युत प्रदाय लाइनों के संबंध में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया तथा कोड, ऐसे व्यक्तियों द्वारा अनुपालन की जाने वाली शर्तों का तथा उससे संबंधित अन्य मामलों का अवधारण; (घ) पारेषण, उप-पारेषण, वितरण, तथा प्रदाय के लिए अनुज्ञप्ति देने की प्रक्रिया, अनुज्ञप्ति प्रदान करने की शर्तें और अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विशिष्टियां और दस्तावेजें, मानक और सामान्य शर्तें जिसके अध्यधीन रहते हुए अनुज्ञप्ति दी जाएगी, अनुज्ञप्ति देने से छूट दी जाना, अनुज्ञप्तियों का प्रतिसंहरण और संशोधन तथा उसका प्रभाव और उपरोक्त से संबंधित समस्त विषय; (ङ) अनुज्ञप्तिधारी के कर्तव्य, शक्तियां, अधिकार तथा बाध्यताएं; (च) विद्युत के उत्पादन, पारेषण, वितरण, प्रदाय में अंतर्ग्रस्त तथा उसका उपयोग करने वाले व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली विशिष्टियां, उनसे जानकारी, लेखाओं तथा बहियों का संग्रह, वह प्ररूप तथा यह रीति जिसमें उन्हें प्रस्तुत किया जाना है और उन्हें प्रवर्तित करवाना तथा पेश करने के लिए उन्हें बाध्य करना; (छ) अनुज्ञप्तिधारी के राजस्वों, टैरिफ नियतन के लिए अवधारण का ढंग तथा रीति, ऐसा अवधारण तथा नियतन करने में विचार किए जाने वाले विषय; (ज) अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा अनुसरण की जाने हेतु ऊर्जा क्रय तथा उत्पादन प्रक्रिया; (झ) राज्य सलाहकार समिति का गठन; (ञ) राज्य में विद्युत के उत्पादन, पारेषण, उप-पारेषण, वितरण, प्रदाय में अंतर्ग्रस्त तथा उपयोग करने वाले व्यक्तियों के लिए आचार संहिता तथा उनके कार्य का स्तर; (ट) इस अधिनियम के उपबंधों के अतिक्रमण के लिए अधिरोपित किए जाने वाले जुर्माने तथा प्रभार की रकम जिसमें जुर्माने और प्रभार अधिरोपित करने तथा उसका संग्रह करने का ढंग और रीति सम्मिलित है; (ठ) संदेह फीस तथा प्रभार की रकम; (ड) वह प्ररूप तथा रीति विहित करना, जिसमें आयोग के लेखे रखे जाएंगे; (ढ) ऊर्जा प्रणाली तथा विद्युत प्रदाय लाइनों का प्रचालन तथा अनुरक्षण विनियमित करना; (ण) राज्य में विद्युत उद्योग के लिए या उसके संबंध में उपयोग में लाई गई संपत्तियों, आस्तियों तथा संपत्तियों में हित को विनियमित करना; और (त) कोई अन्य विषय, जिसका इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन विनियमों द्वारा विहित किया जाना अपेक्षित है।
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