section 47
कंपनियों द्वारा अपराध
The Madhya Pradesh Electricity Reforms Act, 2000(1) जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया है, वहां प्रत्येक ऐसा व्यक्ति जो उस अपराध के किए जाने के समय उस कंपनी के कारबार के संचालन के लिए उस कंपनी का भारसाधक था और उसके प्रति उत्तरदायी था और साथ ही वह कंपनी भी, उस अपराध के दोषी समझे जाएंगे और तदनुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दंडित किए जाने के दायी होंगे: परन्तु इस उपधारा में अंतर्विष्ट कोई भी बात किसी ऐसे व्यक्ति को किसी दंड का दायी नहीं बनाएगी यदि वह यह साबित कर देता है कि वह अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या यह कि उसने ऐसे अपराध के किए जाने का निवारण करने के लिए समस्त सम्यक तत्परता बरती थी। (2) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया है और यह साबित हो जाता है कि वह अपराध कंपनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता से या उसकी किसी उपेक्षा के फलस्वरूप किया गया माना जा सकता है, वहां ऐसा निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी भी उस अपराध का दोषी समझा जाएगा और तदनुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दंडित किए जाने का दायी होगा। इस धारा के प्रयोजनों के लिए— (क) "कंपनी" से अभिप्रेत है कोई निगमित निकाय और उसके अंतर्गत कोई फर्म या व्यक्तियों के अन्य संगम भी आते हैं; और (ख) "निदेशक" से किसी फर्म के संबंध में उस फर्म का भागीदार अभिप्रेत है।
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