section 20
अनुज्ञप्तिधारक तथा उत्पादक कंपनियों के साधारण कर्तव्य तथा शक्तियां
The Madhya Pradesh Electricity Reforms Act, 2000(1) किसी अनुज्ञप्ति के धारक का यह कर्तव्य होगा कि वह यथास्थिति पारेषण के क्षेत्र या विद्युत् प्रदाय या विद्युत् के वृहदरूप (बल्क) में प्रदाय के क्षेत्र में, जिसके लिए अनुज्ञप्ति प्रदान की गई है, विद्युत् पारेषण, उप-पारेषण, वितरण या प्रदाय की एक दक्षतापूर्ण, समन्वय, तथा मितव्ययी प्रणाली का निकास करे तथा उसको बनाए रखना। (2) प्रत्येक अनुज्ञप्तिधारी तथा प्रत्येक उत्पादक कम्पनी, ऊर्जा प्रणाली तथा विद्युत् प्रदाय की लाइनों के प्रचलन तथा अनुरक्षण के संबंध में समय-समय पर विहित विनियमों के उपबंधों का पालन करेगी। (3) आयोग, नियमन, अनाद तथा शर्तें यदि कोई हों, के अध्यधीन रहते हुए, भारतीय विद्युत् अधिनियम, १९१० (१९१० का सं. ९) की धारा १२ से १९ तक विनिर्दिष्ट कर सकेगा जिसका संबंध कार्य करने से है, इस अधिनियम के अधीन किसी अनुज्ञप्ति द्वारा विद्युत् का पारेषण या प्रदाय करने के लिए प्राधिकृत किसी व्यक्ति के संबंध में इस प्रकार प्रभावी होंगे मानो कि वह व्यक्ति उक्त अधिनियम में एक अनुज्ञप्तिधारी है।
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