section 23
मध्यपदेश विद्युत् मंडल की संपत्तियों, कृत्यों और कर्तव्यों का पुनर्गठन
The Madhya Pradesh Electricity Reforms Act, 2000(1) राज्य सरकार, अंतरण स्कीम के लिए मंडल को पुनर्गठित करने और मंडल या उसके ऐसे भाग के जो कि उसकी आस्तियां, संपत्तियां, संपत्तियों में हित, कार्यवाहियों और दायित्वों से मिलकर बना हो, कृत्यों, कर्तव्यों, शक्तियों तथा बाध्यताओं के अंतरण को उन निबंधनों तथा शर्तों पर जो कि राज्य सरकार अंतरण स्कीम में उपबंधित करे, प्रभावी करने के हेतु समय-समय पर नियम विरचित कर सकेगी। (2) जिस तारीख को तथा से उपधारा (१) के अधीन अंतरण स्कीम प्रकाशित की जाती है या उस तारीख को और से ऐसी अन्य तारीख से (जो इसमें इसके पश्चात् प्रभावी तारीख के नाम से निर्दिष्ट है) जैसी कि ऐसी अंतरण स्कीम में विनिर्दिष्ट की जाए, राज्य सरकार यह उपबंध कर सकेगी कि आस्तियों, संपत्तियों, संपत्तियों में हित, कार्यवाहियों, दायित्वों, अधिकारों और बाध्यताओं से मिलकर बनने वाले मंडल के ऐसे उपक्रम या उसके ऐसे भाग जो प्रभावी तारीख के अव्यहित पूर्व मंडल के हैं, अंतरण स्कीम में विनिर्दिष्ट निबंधनों तथा शर्तों पर, बोर्ड या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले किसी और कृत्य, विलेख या बात के बिना, राज्य सरकार को अंतरित हो जाएंगे और उसमें निहित हो जाएंगे। (3) राज्य सरकार, समय-समय पर, अंतरण स्कीम के लिए, उन उपक्रमों के अंतरण को प्रभावशील करने के लिए जो कि उपधारा (२) के अधीन राज्य में निहित है, ऐसी कंपनियों या व्यक्ति या प्राधिकारी (जिसे इसमें इसके पश्चात् "अंतरिती" कहा गया है) को, ऐसे निबंधत तथा शर्तों पर जैसा कि राज्य सरकार अंतरण स्कीम में उपबंधित करे, का उपबंध करने हेतु नियम विरचित कर सकेगी और ऐसा अंतरण तथा अंतरिती में ऐसा निहित किया जाना किसी व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले किसी और कृत्य, विलेख या बात के बिना अंतरण स्कीम में विनिर्दिष्ट तारीख से प्रभावी होगा। (4) राज्य सरकार, ऐसे अंतरिती से (जो इसमें इसके पश्चात् प्रथम अंतरिती के नाम से निर्दिष्ट है) परामर्श करने के पश्चात् जिसे कि पूर्वगामी उपबंधों के अनुसार यथास्थिति कृत्य, कर्तव्य, अधिकार, शक्तियां या उपक्रम अंतरित किए गए हैं और उसमें निहित हो गए हैं, किसी अन्य कंपनी या निगमित निकाय या व्यक्ति या प्राधिकारी को (जो कि राज्य सरकार विनिर्दिष्ट करे, प्रथम अंतरिती से द्वितीय अंतरिती के नाम से निर्दिष्ट है) उपक्रमों का ऐसा भाग ऐसे निबंधनों तथा शर्तों पर, जैसा कि राज्य सरकार विनिर्दिष्ट करे, प्रथम अंतरिती से द्वितीय अंतरिती को अंतरित करने के लिए नियम विरचित कर सकेगी और ऐसा अंतरण किसी व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले किसी और कृत्य, विलेख या बात के बिना अंतरण स्कीम में विनिर्दिष्ट तारीख से प्रभावी होगा। (5) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, यह उपबंध कर सकेगी कि भारतीय विद्युत् अधिनियम, १९१० (१९१० का सं. ९) या विद्युत् (प्रदाय) अधिनियम, १९४८ (१९४८ का सं. ५४) या उसके अधीन मंडल द्वारा प्रयोक्तव्य ऐसे कृत्य, कर्तव्य, शक्तियां और बाध्यताएं, ऐसे प्रथम अंतरिती या द्वितीय अंतरिती या अन्य कंपनियों या निगमित निकायों या व्यक्ति या प्राधिकारी द्वारा प्रयोनय होंगे जैसा कि राज्य सरकार विनिर्दिष्ट करे। (6) इस धारा में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां इस भाग के अधीन अंतरण स्कीम के अनुसरण में किसी भी प्रकार का संव्यवहार किया जाता है, वहां वह समस्त व्यक्तियों पर जिसमें तृतीय पक्षकार भी सम्मिलित है, आबद्धकर होगा। (7) अंतरण स्कीम में :- (क) अंतरित की जाने वाली संपत्ति, संपत्ति में हित, अधिकार और दायित्व को; (एक) प्रश्नगत सम्पत्ति, अधिकार और दायित्वों को विनिर्दिष्ट या वर्णित करते हुए;
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