section 11
आयोग की कार्यवाहियां
The Madhya Pradesh Electricity Reforms Act, 2000(१) इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, आयोग को अपनी कार्यवाहियों के संचालन तथा अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए विनियम बनाने की अन्य शक्ति होगी और इस प्रकार बनाए गए ऐसे समस्त विनियम राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे। (२) उपधारा (५) में यथा उपबंधित के सिवाय, प्रत्येक सदस्य का एक मत होगा। आयोग के सदस्यों की राय में मतभेद होने के दशा में, बहुमत की राय अभिभावी होगी तथा आयोग की राय बहुमत के विचारों पर अभिव्यक्त की जाएगी। (३) आयोग के सम्मिलन के लिए गणपूर्ति दो सदस्यों की होगी, परन्तु आयोग द्वारा पूर्व में लिए गए किसी विनिश्चय के पुनर्विलोकन के लिए आयोग के सम्मिलन की गणपूर्ति उपधारा (५) के अध्यधीन रहते हुए उपस्थित समस्त सदस्यों से होगी। (४) जब आयोग का अध्यक्ष (चेयरपर्सन), अनुपस्थिति, बीमारी या किसी अन्य कारण से कृत्यों के निर्वहन में असमर्थ रहता है तब आयोग का वरिष्ठ सदस्य, अध्यक्ष (चेयरपर्सन) के कृत्यों का निर्वहन उस दिन तक करेगा जब तक कि अध्यक्ष (चेयरपर्सन) अपना पद का भार ग्रहण न कर ले। (५) अध्यक्ष (चेयरपर्सन) जिसमें आयोग का वरिष्ठ सदस्य भी सम्मिलित है, उस दशा में जहां वह अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहा हो, का द्वितीय या निर्णायक मत होगा : परन्तु जहां अध्यक्ष (चेयरपर्सन) या किसी सदस्य के पद में रिक्ति के कारण केवल दो सदस्य या अध्यक्ष (चेयरपर्सन) या किसी सदस्य को ऐसी निःशक्तता के कारण आयोग, तीस दिन से अधिक की कालावधि के लिये अवस्थित समस्त तीन सदस्यों से कार्यवाहियां नहीं कर सकता है वहां, अध्यक्ष (चेयरपर्सन) या यथास्थिति अध्यक्ष (चेयरपर्सन) के रूप में कार्य कर रहे वरिष्ठ सदस्य का मत केवल ऐसी रिक्ति या निःशक्तता की कालावधि के दौरान द्वितीय और निर्णायक होगा : परन्तु यह और कि प्रथम परंतुक में विनिर्दिष्ट ऐसी रिक्ति या निःशक्तता के दौरान, आयोग द्वारा पूर्व में किए गए किसी विनिश्चय के पुनर्विलोकन के लिए दो सदस्यों से गणपूर्ति होगी। (६) आयोग के अध्यक्ष (चेयरपर्सन) या सदस्य के पद में कोई रिक्ति या उसके गठन में कोई त्रुटि होने मात्र से ही आयोग का कोई कार्य या कार्यवाहियां अविधिमान्य नहीं होंगी। (७) आयोग का अध्यक्ष (चेयरपर्सन) सचिव को अनुदेश दे सकेगा कि वह आयोग का सम्मिलन ऐसे समय तथा ऐसे स्थान पर बुलाएं जैसा कि अध्यक्ष (चेयरपर्सन) निदेश दे तथा इसके अतिरिक्त आयोग का कोई सदस्य अन्य सदस्यों तथा सचिव को लिखित में सूचना देकर किसी भी समय आयोग का सम्मिलन बुलाने का अनुरोध कर सकेगा। (८) सदस्यों को समस्त सम्मिलनों की सूचना लिखित में दी जाएगी जब तक कि समस्त सदस्य लिखित में सूचना का अभित्यजन न कर दें। (९) आयोग को परिपालन द्वारा अति-आवश्यक मामलों का विनिश्चय करने का हक होगा। (१०) आयोग के समस्त विनिश्चय, निदेश तथा आदेश लिखित में होंगे और उनके समर्थन में कारण दिए जाएंगे। जिसमें भिन्न राय रखने वाले सदस्य भी सम्मिलित, आयोग के विनिश्चय, निदेश तथा आदेश आयोग द्वारा अन्यथा विनिर्दिष्ट के सिवाय, किसी भी व्यक्ति द्वारा निरीक्षण के लिए उपलब्ध होंगे और उनकी प्रतियां, उस रीति में जो आयोग विहित करे उपलब्ध की जाएंगी। (११) आयोग की कार्यवाहियां, जब तक आयोग द्वारा साधारण या विशेष आदेश द्वारा अन्यथा विनिर्दिष्ट न हो, जनता के लिए खुली रहेंगी।
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