section 59
हजस प्रयोजन के हलये भूहम उपयोग में लाई जावे उसी के अनुसार भू-राजस्व में फेराफार
The MP Land Revenue Code 1959(1) ककसी भूहम पर राजस्व का हनधाडररत हनम्नहलहखत प्रयोजनों के हलये उस भूहम के उपयोग को दृहष्ट में रखते हुए ककया जायेगा. (क) कृहष या ऐसे प्रिेत्र गृह (फामड हाउस) के प्रयोजन के हलये उपयोग जो एक एकड या अहधक के खाते पर हस्थत है; (ख) हनवास–ग्रहों के हलये स्थानों के रूप में उपयोग; (ग) शैिहणक प्रयोजन के हलये उपयोग; (घ) औद्योहगक प्रयोजन के हलए उपयोग: (ड) वाहणहज्यक प्रयोजन के हलए उपयोग; (च) खान और खहनज (हवहनयमन और हवकाश) अहधहनयम, 1957 (1957 का 67) के अथड के अंतगडत खनन पट्टे के अधीन खनन के प्रयोजन के हलये; (छ) उपरोि पद (क) से (च) में हवहनर्ददष्ट ककए गए प्रयोजनों से हभि प्रयोजनों के हलये उपयोग: परन्तु ककसी ऐसी भूहम पर, जो उन िेत्रों में हस्थत है, हजन्हें भारतीय वन अहधहनयम, 1927 (1927 का सं. 16) के अधीन आरहित या संरहित वनों के रूप में गरठत ककया जाये पूवोि प्रयोजनों में से ककसी भी प्रयोजन के हलये भूहम के उपयोग के प्रहत हनदेश से भू-राजस्व के हनधाडरण की कायडवाही या संहहता के सुसंगत उपबन्धों के अधीन हनधाडरण के समबन्ध में अनुसररत की जाने वाली कोई भी प्रकिया, वन हवभाग के ऐसे ककसी अहधकारी द्वारा, हजसे राज्य सरकार द्वारा इस हनहमत्त, सभयक् रूप से प्राहधकृत ककया गया हो भूहम के उपयोग को अनुज्ञात करते हुए जारी ककये गये प्रमाण-पत्र पर ही की जायेगी या प्रारभभ की जायगी अन्यथा नहीं । स्पष्टीकरण - खण्ड (क) के प्रयोजन के हलए “प्रिेत्र गृह” (फामड हाउस) से अहभप्रेत है ऐसा भवन या सहिमाडण जो धारा 2 की उपधारा (1) के खण्ड (ज्ञ) में यथा पररभाहषत सुधार है और हजसका कुसी िेत्र (सप्लथ एररया) एक सौ वगड मीटर से अहधक नहीं होगा और हनर्तमत िेत्र एक सौ पचास वगड मीटर से अहधक नही होगा। (2) जहां कोई भूहम, हजस पर ककसी एक प्रयोजन के हलये उपयोग में लाये जाने के हेतु हनधाडरण ककय गया हो, ककसी अन्य प्रयोजन के हलये व्यपवर्ततत कर दी जाय, वहां ऐसी भूहम पर देय भू राजस्व इस बात के होते हुए भी कक उस अवहध का हजसके कक हलये हनधाडरण हनयत ककया गया हो, अवसान नहीं
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