section 183
सेवा भूहम
The MP Land Revenue Code 1959(1) ग्राम सेवक के रूप में सेवा करने की शतड पर भूहम धारण करने वाला कोई व्यहि उस दशा में भूहम का हकदार नहीं रह जायेगा जबकक वह ऐसी भूहम को कृहष – हभि प्रयोजनों के हलये अपवर्ततत कर देता है । (2) ऐसा संव्यवहार, हजसके द्वारा कोई ग्राम सेवक अपनी सेवा भूहम में के अपने हहत को हविय, दान, बंधक, उप-पट्टे या अन्यथा, एक वषड अनहधक कालावहध तक के उप-पट्टे द्वारा के हसवाय, अंतररत करने का प्रयत्न करता है, शून्य होगा । (3) यकद ऐसी भूहम में का धारक मर जाये, पद त्याग दे या हवहधपूवडक पदच्युत कर कदया जाये, तो वह भूहम उसके पद उत्तरवती को संिांत हो जायेगी । (4) धारक का ऐसी भूहम में अहधकार ककसी हडिी के हनष्पादन में कुकड नहीं ककया जायेगा और न ही ऐसी भूहम का प्रबंध करने के हलये हसहवल प्रकिया संहहता, 1908 (1908 का संखयांक 5) की धारा 51 के अधीन कोई ररसीवर हनयुि ककया जायेगा ।
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