section 178
खाते का हवभाजन
The MP Land Revenue Code 1959(1) यकद ककसी खाते में, हजस पर धारा 59 के अधीन कृहष के प्रयोजन के हलये हनधाडरण ककया गया हो, एक से अहधक भूहमस्वामी हों तो उनमें से कोई भी भूहमस्वामी उस खाते में के अपने अंश के हवभाजन के हलये तहसीलदार को आवेदन कर सकेगा: परंतु यकद हक संबंधी कोई प्रश्न उठाया जाता है, तो तहसीलदार अपने समि की कायडवाहहयों को तीन मास की कालावहध तक के हलये रोक देगा, हजससे कक हक संभबंधी प्रश्न के अवधारण के हलए हसहवल वाद का संहस्थत ककया जाना सुकर हो जाय । (1-क) यकद कोई हसहवल वाद उपधारा (1) के परंतुक में हवहनर्ददष्ट की गई कालावहध के भीतर फाइल कर कदया जाय, और हसहवल न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर हलया जाय, तो तहसीलदार अपनी कायडवाहहयों को हसहवल न्यायालय का हवहनिय होने तक रोक रखेगा । यकद कोई हसहवल वाद उि कालावहध के भीतर फाइल न ककया जाय, तो वह रोक रखने के आदेश को अहभशून्य कर देगा और खाते के हवभाजन की कायडवाही अहधकार अहभलेख में की प्रहवहष्टयों के अनुसार करेगा । (2) तहसीलदार, सह-भूधाररयों की सुनवाई करने के पिात्, खाते को हवभाहजत कर सकेगा और उस खाते के हनधाडरण को इस संहहता के अधीन बनाये गये हनयमों के अनुसार प्रभाहजत कर सकेगा । (3) [x x x] (4) [x x x] (5) [x x x] स्पष्टीकरण.– (एक) इस धारा के प्रयोजनों के हलये भूहमस्वामी के खाते के ककसी भी ऐसे सह-अंशधारी को, हजसने ककसी सिम हसहवल न्यायालय से ऐसे खाते में के अपने हक के सभबन्ध में घोषणा प्राप्त कर ली हो, ऐसे खाते का सह-भूधारी समझा जायगा । स्पष्टीकरण - (दो) … … ...
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