section 242
वाहजब उल अजड
The MP Land Revenue Code 1959(1) इस संहहता के प्रवृत्त होने के पिात् होने के पिात् यथाशक्य शीध्र, उपखंड अहधकारी ककसी ऐसी भूहम या जल में, जो राज्य सरकार या ककसी स्थानीस प्रहधकरण का न हो या जो उसके द्वारा हनयहन्त्रत या प्रबहन्धत न हो। ससचाई के अहधकार या मागाडहधकार या अन्य सुखाचार । मछली पकड़ने के अहधकार । की बाबत प्रत्येक ग्राम की रूहऺढयों को हवहहत रीहत में अहभहनहित तथा अहभहलहखत करेगा और ऐसा अहभलेख ग्राम के वाहजब – उल-अजड के नाम से जायगा । (2) उपधारा (1) के अनुसरण में तैयार ककया गया अहभलेख उपखंड अहधकारी द्वारा ऐसी रीहत में प्रकाहशत ककया जावेगा जो कक हवहहत की जाय । (3) ऐसी अहभलेख में की गई ककसी प्रहवहष्ट से व्यहथत कोई भी व्यहि ऐसी प्रहवहष्ट को रद्द या उपान्तररत कराने के हलये हसहवल न्यायालय में वाद ऐसी अहभलेख के उपधारा (2) के अधीन प्रकाहशत होने की तारीख से एक वषड के भीतर संहस्थत कर सकेगा । (4) उपधारा (1) के अधीन तैयार ककया गया अहभलेख, उपधारा (3) के अधीन संहस्थत ककये गये वाद में हसहवल न्यायालय के हवहनिय के अध्यधीन रहते हुए, अहन्तम और हनिायक होगा । (5) उपखंड अहधकारी, उसमें हहतबद्ध ककसी व्यहि के आवेदन पर स्वप्रेरणा से, हनम्नहलहखत ककन्हीं पर, वाहजब-उल-अजड में की ककसी प्रहवहष्ट को उपान्तररत कर सकेगा या उसमें कोई नवीन प्रहवहष्ट अन्त: स्थाहपत कर सकेगा – (क) यह कक ऐसी प्रहवहष्ट में हहतबद्ध समस्त व्यहि उसे उपान्तररत कराना चाहते हैं; या (ख) यह कक ककसी हसहवल वाद में दी गई ककसी हडिी द्वारा उसे गलत घोहषत कर कदया गया है; या (ग) यह कक हसहवल न्यायालय की ककसी हडिी या आदेश पर या ककसी राजस्व अहधकारी के आदेश, पर आधाररत होते हुए भी वह ऐसी हडिी या आदेश के अनुसार नहीं हैं; या (घ) यह कक इस प्रकार आधाररत होते हुए भी, बाद में ऐसी हडिी या ऐसे आदेश को अपील, पुनरीिण या पुनर्तवलोकन में फेरफाररत कर कदया है; या (ड़) यह कक हसहवल न्यायालय ने हडिी द्वारा, ग्राम में हवद्यमान ककसी रूकढ़ का पयडवसान कर कदया है ।
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