section 16
कलेक्टर को हनयुि करने की शहि
The MP Land Revenue Code 1959(दो) सरकारी पट्टेदार द्वारा सरकार को, उस भूहम के, जो कक सरकार द्वारा उसे पट्टे पर दी गई है, उपयोग या अहधभोग के मद्दे, धन या वस्तु के रूप में संदत्त ककया जाता है या देय है; (प) “राजस्व अहधकारी” इस संहहता के ककसी उपबंध में “राजस्व अहधकारी” से अहभप्रेत है ऐसा राजस्व अहधकारी हजसे राज्य सरकार, अहधसूचना द्वारा, राजस्व अहधकारी के उस उपबंध के अधीन के कृत्यों का हनवडहन करने के हलये हनदेश दे; (फ) “राजस्व वषड” से अहभप्रेत है वह वषड जो ऐसी तारीख से प्रारभभ होता है हजसे राज्य सरकार, अहधसूचना द्वारा, ककसी हवशेष स्थानीय िेत्र के बारे में हनयत करें; (ब) “सवेिण संखयांक का उपखंड” से अहभप्रेत है सवेिण संखयांक का ऐसा प्रभाग हजसकी बाबत िेत्रफल तथा देय – भू-राजस्व की प्रहवहष्ट भू-अहभलेखों में उन सवेिण संखयांकों के, हजनका कक वह प्रभाग है, सूचक संखयांक के अधीनस्थ सूचक संखयांक के अधीन पृथक्-पृथक् की गई है; (भ) “सवेिण संखयांक” से अहभप्रेत है नगरेतर िेत्र में की भूहम का ऐसा प्रभाग जो ठीक पहले के राजस्व-सवेिण के समय सवेिण संखयांक के रूप में हवरहचत ककया गया है या उस रूप में मान्य ककया गया है अथवा कलेक्टर द्वारा उसके पिात् उस रूप में मान्य ककया गया है और हजसकी बाबत िेत्रफल तथा देय भू-राजस्व की प्रहवहष्ट भू-अहभलेखों में, सूचक संखयांक के अधीन पृथक्-पृथक् की गई है; और उसके अंतगडत भूहम का कोई भी ऐसा प्रभाग है हजसकी प्रहवहष्ट भू-अहभलेखों में, खसरा िमांक नामक सूचक संखयांक के अधीन की गई है; और (म) “कृषक” से अहभप्रेत है वह व्यहि जो अध्याय 14 के अधीन भूहमस्वामी से मौरूसी कृषक के रूप में भूहम धारण करता है; (य) “भू-धारी” से अहभप्रेत है वह व्यहि जो राज्य सरकार से भूहम धारण करता है और जो इस संहहता के उपबन्धों के अधीन भूहमस्वामी है या भूहमस्वामी समझा जाता है ; (य-1) “इमारती लकड़ी के वृि” से अहभप्रेत है हनम्नहलहखत जाहत के वृि, अथांत् – (एक) टेक्टोना ग्रेहन्डस (सागवान), (दो) टेकोकारपस मारसुहपयम (बीजा), (तीन) डलबेररया लेटीफोहलया (शीशम), (चार) शोररया रोबस्टा (साल), (पाँच) हतनसा, (छ:) टमोनेहलया टोमन्टोसा (एन या साज), (सात) सन्टालम अलबम (चन्दन); (आठ) एडाइना कॉर्तडफोहलया (हल्दू), (नौ) हमत्रागाइना पारहवफ्लोरा (मुण्डी), (दस) टर्तमनेहलया अजुडना (अजुडन), (ग्यारह) डायोस्पाइरस मेलनोक्जाइलान (तेन्दू), (बारह) मेलाइना आरबोररया (खभहार) (य-2) “स्वयं खेती करना” से अहभप्रेत है – (एक) अपने स्वयं के श्रम द्वारा, या (दो) अपने कुटुभब के ककसी भी सदस्य के श्रम द्वारा, या (तीन) ऐसी मजदूरी पर, जो नगदी या वस्तु के रूप में देय है ककन्तु फसल के अंश के रूप में देय नहीं है, रखे गये सेवकों द्वारा, या (चार) अपने वैयहिक पयडवेिण के अधीन या अपने कुटुभब के ककसी सदस्य के वैयहिक पयडवेिण (Personal supervision) के अधीन – भाड़े के श्रहमकों द्वारा अपने स्वयं के हलये खेती करना; (य-3) “दखलरहहत भूहम” से अहभप्रेत है ककसी ग्राम में की ऐसी भूहम जो आबादी या सेवाभूहम से, या ककसी भूहमस्वामी, कृषक या सरकारी पट्टेदार द्वारा धाररत भूहम से हभि है; (य-4) “नगरीय िेत्र” से अहभप्रेत है वह िेत्र जो नगरपाहलकाओं से संबंहधत तत्समय प्रवृत्त ककसी हवहध के अधीन गरठत ककसी नगरपाहलक हनगम की या ककसी नगरपाहलका या अहधसूहचत िेत्र की या ककसी ऐसे ग्राम या ग्राम समूह की, जो कक राज्य सरकार द्वारा नगरीय िेत्र के रूप में हवहनर्ददष्ट ककया जाय, सीमाओं के भीतर तत्समय सहभमहलत है, और अहभव्यहि” नगरेतर िेत्र” का तद्नुसार अथड लगाया जायेगा । (य-5) “ग्राम” से अहभप्रेत है कोई भू-भाग हजसे इस संहहता के प्रवृत्त होने के पूवड, ककसी ऐसी हवहध के, जो तत्समय प्रवृत्त है, उपबन्धों के अधीन ग्राम के रूप में मान्य ककया गया था या उस रूप में घोहषत ककया गया था, तथा कोई ऐसा अन्य भू-भाग हजसे ककसी राजस्व सवेिण में एतद्पिात् ग्राम के रूप में मान्य ककया जाय या हजसे राज्य सरकार, अहधसूचना द्वारा, ग्राम के रूप में घोहषत करें । (2) इस संहहता के प्रवृत्त होने की तारीख के प्रहत इस संहहता में ककये गये ककसी भी हनदेश का अथड इस प्रकार लगाया जाएगा मानो कक वह धारा 1 की उपधारा (3) के अधीन अहधसूचना द्वारा हनयत की गई तारीख के प्रहत हनदेश है।
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