section 5
मण्डल के सदस्यों की सेवा शतें
The MP Land Revenue Code 1959(1) जब कोई सदस्य, अनुपहस्थहत के कारण या अन्यथा; अपने पद के कतडव्यों का पालन करने में असमथड है तो राज्य सरकार, अहधसूचना द्वारा, ककसी व्यहि को, तत्समय के हलये मण्डल का सदस्य हनयुि कर सकेगी । (2) इस संहहता द्वारा अहभव्यि रूप से उपबहन्धत के हसवाय, मण्डल के अध्यि तथा सदस्यों की सेवा के हनबन्धन तथा शतें ऐसी होंगे जैसी कक हवहहत की जायें और हवद्यमान मण्डल के अध्यि तथा सदस्यों के हलये राज्य सरकार द्वारा अहधकहथत ककये गये हनबन्धन तथा शतें तब तक प्रवृत्त बनी रहेंगी जब तक कक वे इस धारा के अधीन उपान्तररत या अहतहष्ठत न कर दी जाएँ । (3) कोई व्यहि मण्डल के सदस्य के रूप में हनयुहि के हलये जब तक अर्तहत नहीं होगा, जब तक कक वह – (क) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में हनयुहि के हलये पात्र नहीं है; या (ख) राजस्व अहधकारी न रह चुका हो, और कलेक्टर की पद श्रेणी से अहभि पद श्रेणी का पद कम से कम पाँच वषड तक धारण न कर चुका हो ।
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