section 29
मामलों को अन्तररत करने की शहि
The MP Land Revenue Code 1959(1) राजस्व अहधकारी एतद्धीन हविय को कcसी भी हवहनर्ददष्ट कदन और घन्टे तक के हलये स्वहववेकानुसार स्थहगत कर सकेगा और ऐसे कcसी हविय का संचालन करने वाला अहधकारी स्थगन के अपने कारणों को अहभहलहखत करते हुए हविय को स्वहववेकानुसार स्थहगत कर सकेगा: परन्तु जहां राजस्व अहधकारी का आदेश समय पर अहभप्राप्त ककया जा सकता है, वहां कोई भी ऐसा स्थगन ऐसे आदेश के हबन नहीं ककया जायेगा । (2) जहां हविय 15 कदन से अहधक की कालावहध के हलये उपहनयम (1) के अधीन स्थहगत ककया जाता है, वहां तब के हसवाय जब कक बकायादार उसका अहधत्यजन करने के हलये अपनी सभपहत्त दे दे, नई उद्घोषणा की जायेगी । (3) यkd लाट से हलये बोली के समाप्त होने से पहले ही शोध्य रकम और खचे हविय का संचालन करने वाले अहधकारी को हनहवदत्त कर कदये जाते हैं या उस समाधानप्रद रूप में यह सबूत दे कदया जाता है कक शोध्यों की रकम और खचे का उस राजस्व अहधकारी को भुगतान ककया जा चुका है हजसने हविय का आदेश कदया था तो ऐसा प्रत्येक हविय रोक कदया जायेगा ।
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