section 206
चकबन्दी की कायडवाहहयों का शुरू ककया जाना
The MP Land Revenue Code 1959(1) ककसी ग्राम को कोई भी दो या अहधक भूहमस्वामी, जो परस्पर हमलकर धारा 221 के अधीन बनाये गये हनयमों द्वारा हवहहत न्यूनतम िेत्रफल से अन्यून भूहम धारण करते हों, अपने खातों की चकबन्दी के हलये अहधकारी को हलहखत आवेदन कर सकेगे हजसमें ऐसी हवहशहष्टयाँ कहथत की जायेंगी जो धारा 221 के अधीन बनाये गये हनयमों द्वारा हवहहत की जायें (2) कलेक्टर स्वप्रेरणा से चकबन्दी अहधकारी को यह हनदेश दे सकेगा कक वह ककसी ग्राम में खातों की चकबन्दी साध्य होने के बारे में जांच करे (3) यकद ककसी ग्राम के दो-हतहाई भूहमस्वामी अपने खातों की चकबन्दी के हलये आवेदन करें या यकद उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन ककये ककसी आवेदन के सभबन्ध में जांच के अनुिम में उस ग्राम के दो-हतहाई भूहमस्वामी अपने खातों की चकबन्दी के हलये सहमत होते हुए आवेदन करें तो ऐसा आवेदन उस ग्राम के समस्त भूहमस्वाहमयों की ओर से ककया गया आवेदन समझा जायेगा (4) यकद उपधारा (3) के अधीन आने वाले ककसी मामले में, खातों की चकबन्दी की ककसी स्कीम की पुहष्ट कर दी जाय, तो वह उस ग्राम के समस्त भूहमस्वाहमयों पर तथा ककन्हीं भी ऐसे व्यहियों पर, जो कक उस भूहम को धारणा करने या दखल में लेने बाद में हकदार हो जायें, आबद्ध कर होंगी । (5) यकद किसी अन्य मामले में, खातों की चकबनदी की ककसी स्कीम की पुहष्ट कर दी जाय, तो वह आवेदकों पर तथा उन व्यककतयों पर, जो कक अपने खातों की चकबन्दी के हलये सहमत हो गये हो तथा ककन्हों भी ऐसे व्यहियों पर, जो कक उस स्कीम से प्रभाहवत भूहम को धारण करने या दखल में लेने क हलये बाद में हकदार हो जायँ, आबद्धकर होगी ।
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