section 203
जलोढ़ तथा जल-प्लावन
The MP Land Revenue Code 1959(1) ककसी तट पर बनी जलोढ़ भूहम राज्य सरकार में हनहहत होगी, ककन्तु ऐसे तट से लगी हुई भूहम का भूहमस्वामी, यकद कोई हो उसके खाते में इस प्रकार बढ़ गई जलोढ़ भूहम का उपयोग बन्दोबस्त की चालू अवहध के दौरान तब तक भू–राजस्व का भुगतान ककये हबना करने का हकदार होगा जब तक कक उसके खाते में बढ़ गया िेत्रफल एक एकड़ से अहधक न हो जाय । (2) जब ककसी खाते में बढ़ गई जलोढ़ भूहम का िेत्रफल एक एकड़ से अहधक हो जाय और उपखंड अहधकारी को यह प्रतीत हेा कक सावडजहनक सुहवधा तथा लोक राजस्व के हहतों का सभपकड ध्यान रखते हुए ऐसी भूहम का हनपटारा ककया जा सकता है तो वह ऐसे खाते के भूहमस्वामी को ऐसी भूहम भूहमस्वामी अहधकारों में ऐसे प्रीहमयम पर देने की प्रस्थापना करेगा जो इस प्रकार बनी भूहम के उहचत हनधाडरण के बीस गुने से अहधक नहीं होगा यकद उि भूहमस्वामी उस प्रस्थापना को स्वीकार न करे तो उपखंड अहधकारी उस भूहम का हवहहत रीहत में हनपटारा कर सकेगा (3) जहां जल-प्लावन द्वारा ककसी खाते के िेत्रफल में एकड से अहधक की कमी हो जाय, वहां ऐसे खाते के सभबन्ध में देय भू-राजस्व कम कदया जायगा ।
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