section 35
पिकार की अनुपहस्थहत में सुनवाई
The MP Land Revenue Code 1959(1) यकद राजस्व अहधकारी ककसी मामले या कायडवाही की सुनवाई के हलये हनयत की गई तारीख को यह पाये कक ककसी पिकार पर समन या सूचना की तामील इसहलए नहीं हुई थी कक हवरोधी पिकार ने ऐसी तामील के हलये अपेहित आदेहशका फीस का भुगतान नहीं ककया था, तो उस मामले या कायडवाही को ऐसी आदेहशका फीस का भुगतान न ककया जाने के कारण खाररज ककया जा सकेगा । (2) यकद राजस्व अहधकारी के समि के मामले या कायडवाही का कोई पिकार; उस पर सूचना या समन की सभयक तामील हो जाने के पिात् उस तारीख को, जो सुनवाई के हलये हनयत की गई है, उपसंजात नहीं होता है तो वह मामला यथाहस्थहत उसकी अनुपहस्थहत में सुना तथा अवधाररत ककया जा सकेगा या अनुपहस्थहत के कारण खाररज ककया जा सकेगा । (3) वह पिकार, हजसके हवरूद्ध उपधारा (1) या (2) के अधीन कोई आदेश पाररत ककया गया है, ऐसे आदेश की तारीख से या उस दशा में जबकक सूचना या समन की सभयक् रूप से तामील न की गयी हो, उस आदेश के जानकारी में आने की तारीख से तीस कदन के भीतर उसे अपास्त करने के हलये [अपने शपथ-पत्र के साथ आवेदन] इस आधार पर कर सकेगा कक वह हवरोधी पिकार का समन या सूचना की तामील के हलये अपेहित आदेहशका फीस का भुगतान करने से या सुनवाई में उपसंजात होने से ककसी पयाडप्त हेतुक से हनवाररत रहा था और राजस्व अहधकारी, उस हवरोधी पिकार को जो उस तारीख को उपहस्थत था हजसको कक ऐसा आदेश पाररत ककया गया था सूचना देने के पिात् तथा ऐसी जाँच करने के पिात् जैसी कक वह आवश्यक समझे, पाररत ककये गये आदेश को अपास्त कर सकेगा । (4) जहाँ उपधारा (3) के अधीन फाइल ककया गया आवेदन नामंजूर कर कदया जाता है, वहाँ व्यहथत पिकार उस प्राहधकारी को अपील फाइल कर सकेगा हजसको कक ऐसे अहधकारी द्वारा पाररत ककये गये मूल आदेश के हवरूद्ध अपील होती है। (5) उपधारा (4) में यथा उपबहन्धत के हसवाय या उस दशा में के हसवाय जब ककसी राजस्व अहधकारी के समि ककसी मामले या कायडवाही का गुणागुण के आधार पर हवहनिय ककया गया है, इस धारा के अधीन पाररत ककये गये ककसी आदेश के हवरूद्ध, कोई अपील नहीं होगी।
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