Bare Act
The MP Land Revenue Code 1959
The Madhya Pradesh Land Revenue Code, 1959 governs the management of land and revenue collection across the state of Madhya Pradesh. It establishes revenue authorities, outlines procedures for assessing and collecting land revenue, and regulates land use changes and boundary disputes. The Act applies to landholders, agriculturalists, tenants, government lessees, and revenue officials, while exempting certain reserved forest areas. It matters because it consolidates land-tenure rights under a unified framework, ensures accurate maintenance of public land records, protects property rights, and provides a structured mechanism for resolving land disputes, thereby underpinning rural governance and agricultural land management throughout the region.
- 0. Preamble
- 1. संहिप्त नाम, हवस्तार तथा प्रारभभ
- 2. पररभाषाएँ
- 3. राजस्व मण्डल का गठन
- 4. राजस्व मण्डल का प्रधान स्थान तथा उसकी बैठकों के अन्य स्थान
- 5. मण्डल के सदस्यों की सेवा शतें
- 6. वेतन तथा भत्ते
- 7. मण्डल की अहधकाररता
- 8. मण्डल की अधीिण सभबन्धी शहियाँ
- 9. एक सदस्यीय तथा बहुसदस्यीय न्यायपीठों द्वारा अहधकाररता का प्रयोग
- 10. संहहता के प्रारभभ होने के समय हवचाराधीन मामले
- 11. राजस्व पदाहधकारी
- 12. राजस्व पदाहधकाररयों पर हनयंत्रण
- 13. संभागों, हजलों, उपखंडों तथा तहसीलों को पररवर्ततत करने, उनकी रचना करने या उन्हें समाप्त
- 14. संभागों के आयुिों को हनयुि करने की शहि
- 15. अपर आयुि हनयुि करने की शहि
- 16. कलेक्टर को हनयुि करने की शहि
- 17. अपर कलेक्टर को हनयुि करने की शहि
- 18. सहायक कलेक्टरों, संयुि कलेक्टरों तथा हडप्टी कलेक्टरों की हनयुहि और शहियाँ
- 19. तहसीलदारों, अपर तहसीलदारों तथा नायब तहसीलदारों की हनयुहि
- 20. भू-अहभलेख अधीिक तथा सहायक भू-अहभलेख अधीिकों की हनयुहि
- 21. अन्य पदाहधकारी
- 22. उपखंड अहधकारी
- 23. राजस्व अहधकाररयों की अधीनस्थता
- 24. राज्य शासन द्वारा राजस्व पदाहधकाररयों की शहियों का पदाहधकाररयों तथा अन्य व्यहियों को
- 25. स्थानान्तर होने पर प्रयोगनीय शहियाँ
- 26. अस्थायी ररहि की दशा में कलेक्टर
- 27. जाचँ करने के हलये स्थान
- 28. भूहम पर प्रवेश करने तथा उसका सवेिण (पररमाप) करने की शहि
- 29. मामलों को अन्तररत करने की शहि
- 30. अधीनस्थों को तथा उनके पास से मामले अन्तररत करने की शहि
- 31. मण्डल तथा राजस्व अहधकाररयों की न्यायालयों की प्राहस्थहत का प्रदान ककया जाना
- 32. राजस्व न्यायालय की अन्तर्तनहहत शहि
- 33. व्यहियों के हाहजर होने तथा दस्तावेजें पेश ककये जाने की अपेिा करने तथा साक्ष्य लेने की
- 34. सािी को हाहजर होने के हलये हववश करना
- 35. पिकार की अनुपहस्थहत में सुनवाई
- 36. सुनवाई का स्थगन
- 37. व्यय कदलाने की शहि
- 38. स्थावर सभपहत्त का कब्जा पररदत्त करने हवषयक आदेश को हनष्पाकदत करने की रीहत
- 39. वे व्यहि हजनके द्वारा राजस्व अहधकाररयों के समि उपसंजाहत (हाहजरी) की जा सकेगी और
- 40. अनुसूची 1 में के हनयमों का प्रभाव
- 41. मण्डल को हनयम बनाने की शहि
- 42. राजस्व पदाहधकारी के आदेश, भूल अथवा अहनयहमतता के कारण कब उल्टे जा सकेंगे
- 43. इस संहहता में स्पष्ट उपबन्ध न होने की दशा में व्यवहार प्रकिया संहहता का लागू होना
- 44. अपील तथा अपीलीय अहधकारी
- 45. कहतपय लहभबत कायडवाहहयों का बन्दोबस्त आयुि को अन्तरण
- 46. कहतपय आदेशों के हवरूद्ध कोई अपील नहीं होगी
- 47. अपीलों की पररसीमा
- 48. याहचका (अजी) के साथ उस आदेश की प्रहतहलहप होगी हजसके कक सभबन्ध में आपहत्त की गई है
- 49. अपील प्राहधकारी की शहि
- 50. पुनरीिण
- 51. आदेशों का पुनर्तवलोकन
- 52. आदेशों के हनष्पादन का रोका जाना
- 53. हलहमटेशन ऐक्ट का लागू होना
- 54. लहभबत पुनरीिण
- 55. अध्याय का लागू होना
- 56. आदेश का अथाडन्वयन
- 57. समस्त भूहमयों में राज्य का स्वाहमत्व
- 58. भू-राजस्व के भुगतान के हलये भूहम का दाहयत्व
- 59. हजस प्रयोजन के हलये भूहम उपयोग में लाई जावे उसी के अनुसार भू-राजस्व में फेराफार
- 60. हनधाडरण ककसके द्वारा हनयत ककया जायेगा
- 61. इस अध्याय का नगरेतर िेत्रों में की भूहमयों को लागू होना
- 62. बन्दोबस्त आयुि की हनयुहि
- 63. अपर बन्दोबस्त आयुिों की हनयुहि और उनकी शहियाँ तथा कतडव्य
- 64. बन्दोबस्त अहधकारी, उप-बन्दोबस्त अहधकाररयों तथा सहायक बन्दोबस्त अहधकाररयों की हनयुहि
- 65. बन्दोबस्त अहधकारी, उप-बन्दोबस्त अहधकारी तथा सहायक बन्दोबस्त अहधकारी की शहियाँ
- 66. राजस्व सवेिण की पररभाषा
- 67. प्रस्थाहपत राजस्व सवेिण की अहधसूचना
- 68. सवेिण संखयांकों तथा ग्रामों की हवरचना
- 69. व्यपवर्ततत की गई या हवशेष रूप से समनुदेहशत की गई भूहम का पृथक् सीमांकन
- 70. सवेिण-संखयांकों को पुनिडमांककत या उपहवभाहजत करने की शहि
- 71. अहभलेखों में सवेिण-संखयांकों तथा उपखंडों की प्रहवहष्ट
- 72. ग्राम की आबादी का अवधारण
- 73. ग्रामों को हवभाहजत या संयोहजत करने या उनमें से ककसी िेत्र को अपवर्ततत करने की बन्दोबस्त
- 74. ग्रामों के समूह बनाना
- 75. बन्दोबस्त की पररभाषा
- 76. प्रस्ताहवत बन्दोबस्त की अहधसूचना
- 77. हनधाडरण दरों का हनयत ककया जाना
- 78. हवलुप्त
- 79. उहचत हनधाडरण का हनयत ककया जाना
- 80. समस्त भूहमयाँ हनधाडरण के दाहयत्वाधीन होंगी
- 81. हनधाडरण के हसद्धान्त
- 82. बन्दोबस्त का आखयापन
- 83. बन्दोबस्त का प्रारभभ
- 84. अहधकारों को त्यागने वाले भूहम स्वामी को वृहद्ध से माफी
- 85. बन्दोबस्त की अवहध
- 86. अधूरी कायडवाहहयों को पूरा करने की कलेक्टर की शहि
- 87. कृहष के लाभों तथा भूहम के मूल्य के सभबनध में जाँच
- 88. नक्शे तथा अहभलेख रखने का कतडव्य बन्दोबस्त अहधकारी को अन्तररत करने की शहि
- 89. गलहतयों को ठीक करने की उपखंड अहधकारी की शहि
- 90. बन्दोबस्त आकद की अवहध के दौरान कलेक्टर की शहि
- 91. बन्दोबस्त की अवहध के दौरान बन्दोबस्त अहधकारी को शहि प्रदान करने की शहि
- 92. इस अध्याय के उपबन्ध नगरीय िेत्रों में की भूहम को लागू होंगे
- 93. भूहमयों को भू-खंड संखयांकों में हवभाहजत करने की कलेक्टर की शहियाँ
- 94. भू-खंड संखयांकों के पुनिमांककत करने का उपहवभाहजत करने की कलेक्टर की शहियाँ
- 95. भू-खंड संखयांकों तथा उपखंडों का िेत्रफल तथा हनधाडरण अहभलेखों में दजड ककया जायगा
- 96. हनधाडरण के हलये नगर का िेत्र खंडों में हवरहचत ककया जायगा
- 97. हवलुप्त
- 98. उहचत हनधाडरण
- 99. हवलुप्त
- 100. पुनरीिण के समय उहचत हनधाडरण का हनयत ककया जाना
- 101. बन्दोबस्त की अवहध
- 102. हनयत ककया गया हनधाडरण भू-राजस्व या लगान होगा
- 103. पूवड के बन्दोबस्त या पट्टों के अधीन हनयत ककया गया हनधाडरण भू-राजस्व या लगान चालू होगा
- 104. पटवारी के हल्कों की हवरचना तथा उनमें पटवाररयों की हनयुहि
- 105. राजस्व हनरीिकों के हल्कों की हवरचना
- 106. राजस्व हनरीिकों आकद की हनयुहि
- 107. खेत का नक्शा
- 108. अहधकार-अहभलेख
- 109. अहधकारों के अजडन की ररपोटड की जायगी
- 110. िेत्र-पुस्तक तथा अन्य सुसंगत भू-अहभलेखों में अहधकार अजडन बाबत नामान्तरण
- 111. हसहवल न्यायाधीशों की अहधकाररता
- 112. अन्तरणों के संबंध में रहजस्रीकताड अहधकाररयों द्वारा प्रज्ञापना
- 113. लेखन सभबन्धी गलहतयों का शुहद्धकरण
- 114. भू-अहभलेख
- 115. खसरा तथा ककन्हीं अन्य भू-अहभलेखों में गलत प्रहवहष्ट का वररष्ठ पदाहधकाररयों द्वारा शुहद्धकरण
- 116. खसरा या ककन्हीं अन्य भू-अहभलेखों में की प्रहवहष्ट के बारे में हववाद
- 117. भू-अहभलेखों में की प्रहवहष्टयों के बारे में उपधारणा
- 118. हक के बारे में जानकारी देने की बाध्यता
- 119. जानकारी देने में उपेिा करने के हलये शाहस्त
- 120. नक्शे तथा अहधकार अहभलेख तैयार करने में सहायता की अध्यपेिा
- 121. भू-अहभलेखों के हलये हनयम बनाने की शहि
- 122. इस अध्याय के उपबन्धों से छूट
- 123. संहहता के प्रारभभ होने के समय अहधकार अहभलेख
- 124. ग्रामों तथा सवेिण संखयांकों या भू-खंड संखयांकों के सीमा-हचन्हों का सहिमाडण
- 125. ग्रामों, सवेिण संखयांकों तथा भू-खंड संखयांकों के बीच सीमाओं के बारे में हववाद
- 126. सदोष कब्जा रखने वाले व्यहियों को बेदखली
- 127. सीमांकन तथा सीमा पंहियों का अनुरिण
- 128. सीमा हचन्हों या सवेिण हचन्हों की मरभमत कराने कक हलये बाध्य करना
- 129. सवेिण संखयांक या उपखंड भ-खंड संखयाकांक की सीमांकन
- 130. सीमा हचन्हों या सवेिण-हचन्हों को हवनष्ट करने, िहत पहुँचाने या हटाने के हलये शाहस्त
- 131. मागाडहधकार तथा अन्य प्राइवेट सुखाचार सभबन्धी अहधकार
- 132. मागड आकद पर बाधा उपहस्थत करने के हलये शाहस्त
- 133. बाधा का हटाया जाना
- 134. कहतपय कायों की पुनरावृहत्त से हवरत रहने के हलये बन्धपत्र का हनष्पादन
- 135. सड़क, पथ आकद के हलये भूहम का अजडन
- 136. इस अध्याय के प्रवतडन से मुि करने की शहि
- 137. भू-राजस्व भूहम पर प्रथम भार होगा
- 138. भू-राजस्व के भुगतान के हलये उत्तरदाहयत्व
- 139. भू-राजस्व, कब्जा रखने वाली ककसी भी व्यहि से वसूल ककया जायेगा
- 140. तारीख हजसको भू-राजस्व शोध्य होगा तथा देय होगा
- 141. “बकाया” तथा “बकायादार” की पररभाषाएँ
- 142. पटेल, पटवारी, ग्राम सभा या ग्राम पंचायत रसीद देने के हलये आबद्ध होंगे
- 143. भू-राजस्व के भुगतान में व्यहतिम पर शाहस्त
- 144. फसलों के मारे जाने पर भू-राजस्व की माफी या उसका हनलभबन
- 145. प्रमाहणत लेखा, बकाया तथा बकायादार के बारे में साक्ष्य होगा
- 146. मांग की सूचना
- 147. बकाया की वसूली के हलये आदेहशका
- 148. खचे-बकाया के भाग के रूप में वसूल ककये जा सकेंगे
- 149. अन्य हजलों में आदेहशकाओं का प्रवतडन
- 150. अभ्यापहत्त के साथ भुगतान तथा वसूली के हलये वाद
- 151. हविय-आगमों का उपयोजन
- 152. बकाया के हलये बेची गई भूहम हवल्लंगमों से मुि होगी
- 153. िेता का हक
- 154. िेता, हविय से पूवड शोध्य भू-राजस्व के हलये दायी नहीं होगा
- 155. भू-राजस्व के बकाया के तौर पर वसूली योग्य धन
- 156. प्रहतभू से धनों की वसूली
- 157. भू-धारणाहधकारी (भू-धृहत) का वगड
- 158. भूहमस्वामी
- 159. भूहमस्वाहमयों द्वारा देय भू-राजस्व
- 160. भू-राजस्व का भुगतान करने के दाहयत्व से दी गई छूट का प्रहतसंहरण
- 161. बन्दोबस्त चालू रहने के दौरान राजस्व में कमी
- 163. भूहमस्वामी अहधकार प्रदान ककये जाने के हलये लहभबत आवेदन
- 164. न्यागमन
- 165. अन्तरण के अहधकार
- 166. कहतपय अन्तरणों के मामले में समपहरण
- 167. भूहम का हवहनमय
- 168. पट्टे
- 169. अनहधकृत पट्टा आकद
- 170. धारा 165 के उल्लंघन में ककये गये अन्तर का पररवजडन
- 171. सुधार करने का अहधकार
- 172. भूहम का व्यपवतडन
- 173. त्यजन
- 174. त्यजन ककये गये उपखंड का हनपटारा
- 175. त्यजन की गई भूहम के हलये मागड का अहधकार
- 176. खाते का पररत्याग
- 177. खातों का हनपटारा
- 178. खाते का हवभाजन
- 179. खाते में के वृिों पर अहधकार
- 180. वृिों के अन्तरण पर हनबडन्धन
- 181. सरकारी पट्टेदार
- 182. सरकारी पट्टेदार के अहधकार तथा दाहयत्व
- 183. सेवा भूहम
- 184. हसरोंज िेत्र में की सेवा भूहम का उस दशा में हनपटारा जबकक सेवाओं के आगे आवश्यकता न हो
- 185. मौरूसी कृषक
- 186. अहधकतम लगान
- 187. पररवतडन
- 188. लगान
- 189. कहतपय मामलों में भूहमस्वामी द्वारा पुनग्रडहण
- 190. मौरूसी कृषकों को भूहमस्वामी अहधकार प्रदान ककया जाना
- 191. मौरूसी कृषक को भूहम वापस कदलाया जाना
- 192. मौरूसी कृषक अहधकारों का न्यागमन
- 193. कृषकाहधकार की समाहप्त
- 194. ऐसे मौरूसी कृषक को हजसका कृषकाहधकार समाप्त कर कदया गया हो लागू होने वाले उपबन्ध
- 195. मौरूसी कृषक के अन्तरण सभबन्धी अहधकार
- 196. सुधार करने के मौरूसी कृषक के अहधकार
- 197. मौरूसी कृषकों द्वारा ककये गये अन्तरणों को अपास्त कराने के हलये आवेदन करने का कहतपय
- 198. अभ्यपडण
- 199. रसीद
- 200. रसीद न देने या अहधक वसूली के हलये शाहस्त
- 201. भू-राजस्व की माफी तथा उसके हनलभबन के पररणाम स्वरूप लगान की माफी तथा उसका
- 202. दोषपूणड ढंग से बेदखल ककये गये मौरूसी कृषक का पुन:स्थापन
- 203. जलोढ़ तथा जल-प्लावन
- 204. हनधाडरण करने तथा हववादों को हवहनहित करने की शाहि
- 205. पररभाषाएँ
- 206. चकबन्दी की कायडवाहहयों का शुरू ककया जाना
- 207. आवेदन का नामन्जूर ककया जाना
- 208. आवेदन का ग्रहण ककया जाना
- 209. खातों की चकबन्दी के हलये स्कीम तैयार ककया जाना
- 210. स्कीम की पुहष्ट
- 211. पुहष्ट हो जाने पर प्रकिया
- 212. खातों के कब्जे के सभबन्ध में भूहमस्वाहमयों के अहधकार
- 213. भूहम स्वाहमयों के उनके खातों में के अहधकारों का अन्तरण
- 214. अन्तरण प्रभावाहन्वत करने के हलये हलखत आवश्यक नहीं होगी
- 215. स्कीम को कायाडहन्वत करने के खचड
- 216. प्रहतकर तथा खचे की वसूली
- 217. हवभाजन कायडवाहहयों का चकबन्दी कायडवाहहयों के चालू रहने के दौरान हनलंबन
- 218. कायडवाहहयों के दौरान सभपहत्त का अन्तरण
- 219. चकबन्दी के पिात् भूहमस्वाहमयों के अहधकार पूवडवत बने रहेंगे
- 220. भूहमस्वाहमयों के हवल्लंगम
- 221. हनयम बनाने की शहि
- 222. पटेलों की हनयुहि
- 223. पटेलों का पाररश्रहमक
- 224. पटेलों के कतडव्य
- 225. ककसी हवहध के अधीन भू-धारकों पर अहधरोहपत कतडव्य पटेलों पर अहधरोहपत कतडव्य समझे
- 226. पटेलों को हटाया जाना
- 227. पटेलों को दण्ड
- 228. प्रहतस्थानी पटेल की हनयुहि
- 229. ग्राम प्रबन्ध का सौंपा जाना
- 230. कोटवारों की हनयुहि तथा उनके कतडव्य
- 231. कोटवारों का पाररश्रहमक
- 232. ‘ग्राम सभा’
- 233. दखल-रहहत भूहम का अहभलेख
- 234. हनरस्तार-पत्रक का तैयार ककया जाना
- 235. हवषय हजनका हनस्तार पत्रक में उपबन्ध ककया जायेगा
- 236. हनस्तार-पत्रक में कहतपय हवषयों के हलए उपबन्ध
- 237. हनस्तार अहधकारों के प्रयोग के हलये कलेक्टर द्वारा भूहम का पृथक् रखा जाना
- 238. दूसरे ग्राम की बंजर भूहम के अहधकार
- 239. दखल-रहहत भूहम में रोहपत फलदार वृिों और अन्य वृिों में अहधकार
- 240. कहतपय वृिों के काटे जाने का प्रहतषेध
- 241. सरकारी वनों से इमारती लकड़ी की चोरी रोकने के उपाय
- 242. वाहजब उल अजड
- 243. आबादी
- 244. आबादी स्थलों का हनबटारा
- 245. भू-राजस्व संहहता हबना, गृह स्थल धारण करने का अहधकार
- 246. आबादी में गृह स्थल धारण करने वाले व्यहियों का अहधकार
- 247. खहनजों के सभबन्ध में सरकार का हक
- 248. अप्राहधकृत रूप से भूहम पर कब्जा कर लेने के हलये शाहस्त
- 249. मछली पकड़ने, आखेट करने आकद का हवहनयमन
- 250. अनुहचत रूप से बे-कब्जा ककये गये भूहमस्वामी का पुन:स्थापन
- 251. तालाबों का राज्य शासन में हनहहत होना
- 252. लोकोपयोगी हनमाडण कायों का अनुरिण
- 253. उपबन्धों के उल्लंघन के हलये दण्ड
- 254. ग्राम सभा के कतडव्यों का पटेल द्वारा पालन ककया जाना
- 255. खेती तथा प्रबन्ध के मापदण्डों का हवहहत ककया जाना
- 256. नक्शों तथा भू-अहभलेखों का, हनरीिण तथा उनकी प्रहतहलहपयाँ
- 257. राजस्व प्राहधकाररयों की अनन्य अहधकाररता
- 258. हनयम बनाने की साधारण शहि
- 259. कहतपय भूधृहतयों के प्रहत हनदेश
- 260. ऐसी हवहधयों के प्रहत हनदेश जो ककसी भी िेत्र में प्रवृत्त न हो
- 261. हनरसन तथा व्यावृहत्त
- 262. अस्थायी उपबन्ध
- 263. करठनाइयों का हनराकरण करने की शहि
- 264. संहहता कहतपय मामलों में लागू नहीं होगी
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