section 262
अस्थायी उपबन्ध
The MP Land Revenue Code 1959262. अस्थायी उपबन्ध- (1) इस संहहता के अहभव्यि रूप से अन्यथा उपबहन्धत के हसवाय, ऐसे समस्त मामले, जो इस संहहता के प्रवृत्त होने के ठीक पूवड ककसी िेत्र में राज्य सरकार के या ककसी राजस्व न्यायालय के समि, चाहे अपील, पुनरीिण, पुनर्तवलोकन में या अन्यथा लहभबत हों, ऐसी समुहचत हवहध के जो कक इस संहहता के पाररत न होने की दशा में उन मामलों को लागू होती, उपबन्धों के अनुसार हवहनिय ककयें जायेंगे । (2) इस संहहता के प्रवत्त होने के समय ककसी हसहवल न्यायालय में लहभबत कोई ऐसा मामला, जो इसं संहहता के अधीन केवल ककसी राजस्व न्यायालय द्वारा हवचारणीय हो ऐसे हसहवल न्यायालय द्वारा उस हवहध के अनुसार हनपटाया जायेगा कक इस संहहता के प्रारभभ होने के पूवड प्रवृत्त हो । (3) अनुसूची (3) वर्तणत हवहधयों में से ककसी भी हवहध के अधीन की ऐसी समस्त कायडवाहहयाँ जो इस संहहता के प्रारभभ होने के ठीक पूवड राज्य सरकार के समि लहभबत हों, ऐसे प्रारभभ पर, मण्डल को अन्तररत हो जायेंगी और तदुपरर वे मण्डल द्वारा इस प्रकार हनपटाई जायेंगी मानों कक वे मण्डल द्वारा इस संहहता के अधीन ग्रहण की गई कायडवाहहयाँ हों । स्पष्टीकरण – इस उपधारा के प्रयोजन के हलये, “राज्य सरकार” के अन्तगडत राज्यपाल, महन्त्रपररषद या कोई मंत्री है ।
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