section 246
आबादी में गृह स्थल धारण करने वाले व्यहियों का अहधकार
The MP Land Revenue Code 1959धारा 244 के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए प्रत्येक ऐसा व्यहि, जो इस संहहता के प्रवृत्त होने के साथ आबादी में गृहस्थल के रूप में कोई भूहम हवहधपूवडक धारण करता है या जो इसके पिात् ऐसी भूहम को हवहधपूवडक अर्तजत कर ले, ऐसी भूहम के सभबन्ध में भूहम-स्वामी होगा: परन्तु मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहहता (संशोधन) अहधहनयम, 1973 के आरभभ होने पर या उसके पिात् ककसी भूहमहीन व्यहि को ग्रामीण आवास योजना के अधीन गृह-स्थल का आवंटन हनम्नहलहखत शतों के अध्यधीन ककया जाएगा – (एक) यह कक आवंरटती आवंटन की तारीख से पांच पषड की कालावहध के भीतर ऐसी भूहम पर गृह का हनमाडण करेगा; (दो) यह कक आवंरटती आवंटन की तारीख से दस वषड की कालावहध के भीतर उस भूहम का, जो कक उसे आवंरटत की गई हो, या उसमें के हहत का अन्तरण नहीं करेगा, (तीन) यह कक उपयुडि शतों में से ककसी भी शतड के भंग होने की दशा में यह भूहम भंग की तारीख से राज्य सरकार में हनहहत हो जायेगी । स्पष्टीकरण – इस धारा के प्रयोजन के हलये “ग्रामीण आवास-हवकास योजना” से अहभप्रेत है ग्रामीण िेत्रों में गृह-स्थलों की व्यवस्था के हेतु भारत सरकार द्वारा प्रायोहजत स्कीम हजसके अधीन राज्य सरकारों को ग्रामीण िेत्रों में के भूहमहीन कमडचारी के कुटुभबों के हलये, हजनके कक स्वाहमत्व के पहले से ही कोई गृह स्थ्ल न हों या हजसके स्वाहमत्व में पहले से ही अपनी स्वयं की भूहम पर कोई हनर्तमत गृह या कोई झोपड़ी न हो, हन:शुल्क गृह-स्थलों की व्यवस्था, भारत सरकार से 100 प्रहतशत अनुदान सहायता के आधार पर करनी है ।
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