section 32
राजस्व न्यायालय की अन्तर्तनहहत शहि
The MP Land Revenue Code 1959(1) जहां बेची जाने वाली सभपहत्त कृहष उपज है, वहां हविय – (क) यkd ऐसा उपज उगती फसल है, तो उस भूहम पर या उसके समीप ककया जायेगा हजसमें कक ऐसी फसल उगी है; या (ख) यkd ऐसी उपज काटी जा चुकी है या इक्ठी की जा चुकी है, तो खहलहान में या अनाज गहाने के स्थान में या तदरूप ककसी स्थान में या चारे के ढेर पर या उसके समीप ककया जायेगा: परन्तु यkd राजस्व अहधकारी की यह राय हो कक वैसा करने से उपज अहधक फायदे पर बेची जा सकती है तो वह यह हनदेश दे सकेगा कक हविय लोक समागम के हनकटतम ककसी स्थान पर ककया जाये । (2) जहां, उपज की हविय के हलये पुरोधृत ककये जाने पर – (क) हविय करने वाले व्यहि के अनुमान से उसके हलये ऋजु मूल्य की बोली नहीं लगाई है; और (ख) उस उपज का स्वामी या उसकी ओर से कायड करने के हलये प्राहधकृत व्यहि हविय को आगामी कदन तक या यkd हविय के स्थान पर कोई मण्डी लगती है, तो अगली मण्डी लगने के कदन के हलये मुल्तवी करने के हलये आवेदन करता है, वहां हविय तदनुसार मुल्तवी कर कदया जायेगा और तत्पिात् उपज के हलये चाहे कोई भी कीमत लगे वह पूरा कर कदया जायेगा ।
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