section 69
Case management unit for sentence duration planning
The Jharkhand Prisons and Correctional Services Act, 2025Criminal202589 sections
Statutory text
सजा कालावधि नियोजन के लिए केस प्रबंधन इकाई
- (1) कारा में प्रवेश और आगमन के बाद बंदियों को उनके आवास के प्रकार (प्रकोष्ठ, कक्ष या प्रशासनिक पृथक्करण) में रखने के लिए सुरक्षा वर्गीकरण के अधीन किया जाता है ताकि अभिरक्षा प्रतिबंध और पर्यवेक्षण के स्तर को सुनिश्चित किया जा सके। अभिरक्षा और पर्यवेक्षण के स्तर के अनुसार, कारा में बंदियों में केस मैनेजमेंट यूनिट द्वारा क्रमिक, अनुश्रवण और लक्षित तरीके से सुधारात्मक हस्तक्षेप करने के लिए विचार किया जाता है। प्रत्येक बंदी को एक केस अधिकारी सौंपा जाता है जो केस मैनेजर को हस्तक्षेप की प्रगति की रिपोर्ट करता है। केस मैनेजमेंट यूनिट बंदियों को समाज में उनके सफल पुनः प्रवेश और पुनर्वास के लिए तैयार करती है। नियमों द्वारा निर्धारित अनुक्रमों के माध्यम से केस प्रबंधन प्रक्रिया को श्रेष्ठतर परिणाम के लिए अभिलेखित और विश्लेषण किया जाएगा।
- (2) नियमों द्वारा निर्धारित सुधारात्मक हस्तक्षेपों के अंतर्गत साक्षरता और शिक्षा निरंतर रखना, व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल-सेट विकास और कारा कार्यशाला में पारिश्रमिक कार्य असाइनमेंट सम्मिलित हो सकते हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं। केस प्रबंधन इकाई अनुक्रमिक आउटपुट की निगरानी करेगी और बंदियों को मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
- (3) अधिनियम के अंतर्गत नियमों के अनुसार बंदियों को सुधारात्मक हस्तक्षेप के साधन के रूप में उद्देश्यपूर्ण गतिविधियों में लगाया जाएगा। इन उद्देश्यपूर्ण गतिविधियों में सतत शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल-सेट का विकास या सरकार द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक के आधार पर कार्य आवंटन सम्मिलित होंगे।
- (4) प्रभारी अधिकारी कारा के दिन-प्रतिदिन के प्रशासन और प्रबंधन के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार बंदियों की सेवाओं का उपयोग कर सकता है।
- (5) सिद्ध दोषी बंदियों द्वारा अर्जित पारिश्रमिक का एक निश्चित हिस्सा नियमों के अनुसार पीड़ित या पीड़ित के आश्रित को दिया जाएगा।
- (6) किसी भी बंदी को किसी भी क्षमता में कोई कार्य तब तक नहीं सौंपा जाएगा जब तक कि चिकित्सा अधिकारी यह न पता लगा ले और प्रमाणित न कर दे कि वह अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति के अनुरूप श्रम की श्रेणी में वर्गीकृत उस कार्य को करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ है।
- (7) किसी भी बंदी को जाति, पंथ या धर्म के आधार पर कोई काम आवंटित किया नहीं जाएगा। कार्य आवंटन कभी भी जातिगत अयोग्यता से प्रभावित नहीं होगा।
- (8) जब चिकित्सा पदाधिकारी की यह राय हो कि किसी बंदी का स्वास्थ्य किसी प्रकार या श्रेणी के श्रम पर नियोजन के कारण पीड़ित हो रहा है, तो ऐसे बंदी को उस श्रम पर नियोजित नहीं किया जाएगा, बल्कि ऐसे अन्य प्रकार या श्रेणी के श्रम पर रखा जाएगा, जिसे चिकित्सा पदाधिकारी उसके लिए उपयुक्त समझे।
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.