section 8
कल्याण निधि का गठन और उसका उपयोजन
The M.P. Asangthit Karamkaar Kalyan Adhiniyam, 2003कल्याण निधि का गठन और उसका उपयोजन (१) राज्य सरकार द्वारा धारा ३ की उपधारा (१) के अधीन मध्यप्रदेश ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड और मध्यप्रदेश नगरीय असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड गठित करने के लिए नियत की गई तारीख से क्रमशः मध्यप्रदेश ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण निधि और मध्यप्रदेश नगरीय असंगठित कर्मकार कल्याण निधि के नाम से ज्ञात निधियों का गठन किया जाएगा। (२) मध्यप्रदेश ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण निधि, मध्यप्रदेश ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड में निहित होगी और उसके द्वारा प्रशासित की जाएगी जबकि मध्यप्रदेश नगरीय असंगठित कर्मकार कल्याण निधि, मध्यप्रदेश असंगठित नगरीय कर्मकार कल्याण बोर्ड में निहित होगी और उसके द्वारा प्रशासित की जाएगी। (३) निधि में,— (क) राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार द्वारा संबंधित बोर्ड को दिए गए अनुदान और ऋण; (ख) निधि के सदस्यों से प्राप्त अभिदाय; (ग) धारा २६ के अधीन नियोजकों से प्राप्त अभिदाय; (घ) धारा ३३ और ३४ के उपबंधों के अनुसार निधि में देय समस्त धन, जमा किए जाएंगे। (४) निधि को,— (क) धारा ७ के अधीन बोर्ड के कृत्यों के निर्वहन में उसके व्ययों; (ख) बोर्ड के सदस्यों, अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य पारिश्रमिक; और (ग) इस अधिनियम द्वारा प्राधिकृत उद्देश्यों और प्रयोजनों पर व्ययों, के लिए उपयोजित किया जाएगा। (५) बोर्ड किसी वित्तीय वर्ष में अपने सदस्यों, अधिकारियों तथा अन्य कर्मचारियों के वेतन, भत्तों तथा अन्य पारिश्रमिक के मददे तथा अन्य प्रशासनिक व्ययों की पूर्ति के लिए किसी वित्तीय वर्ष के दौरान अपने कुल व्ययों के पंद्रह प्रतिशत से अधिक व्यय उपगत नहीं करेगा।
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