section 52
विनियम बनाने की शक्ति
The M.P. Asangthit Karamkaar Kalyan Adhiniyam, 2003विनियम बनाने की शक्ति (१) बोर्ड, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से अपने कारबार को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए ऐसे विनियम बना सकेगा जो इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों से संगत हों।
(२) विशिष्टतया और उपधारा (१) की शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियमों में निम्नलिखित समस्त या किन्हीं विषयों के लिए उपबंध किया जा सकेगा, अर्थात् :- (क) बोर्ड के सचिव तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की धारा ४ की उपधारा (३) के अधीन नियुक्ति का ढंग, सेवा के निबन्धन तथा शर्तें और उनको संदेय वेतन तथा भत्ते; (ख) बोर्ड की उपसमितियों का गठन, बोर्ड के कृत्य तथा शक्तियां जो ऐसी उपसमितियां प्रयोग करें तथा वह रीति जिसमें वह ऐसा कर सकती है : परन्तु बोर्ड की प्रत्येक उपसमिति में प्रतिनिधित्व कर रहे असंगठित कर्मकारों के सदस्य तथा उनके नियोजकों की सदैव समान संख्या समाविष्ट होगी; (ग) वह प्ररूप, जिसमें सदस्य के रूप में रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन धारा १४ की उपधारा (३) के अधीन किया जाएगा; (घ) वह दस्तावेज तथा फीस जो धारा १४ की उपधारा (४) के अधीन आवेदन के साथ संलग्न होगी; (ङ) सचिव के अलावा बोर्ड के अधिकारी जो धारा १४ की उपधारा (५) के अधीन पारित आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई के लिए सक्षम होंगे; (च) वह प्ररूप, जिसमें धारा १५ के अधीन सदस्यों को परिचय-पत्र जारी किए जाएंगे; (छ) सदस्यों के भिन्न-भिन्न प्रवर्गों द्वारा देय अभिदाय की दरें तथा उनके संग्रहण की रीति; (ज) बोर्ड को नियोजकों के अभिदाय के भुगतान का ढंग; (झ) धारा ४४ के अधीन अभिकर्ताओं की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया, उनके कृत्यों की प्रक्रिया तथा वह रीति जिसमें बोर्ड उनके कामकाज का पर्यवेक्षण करेगा।
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