section 39
कंपनियों द्वारा अपराध
The M.P. Asangthit Karamkaar Kalyan Adhiniyam, 2003कंपनियों द्वारा अपराध (1) जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कम्पनी द्वारा किया गया हो, वहां ऐसे प्रत्येक व्यक्ति, जो उस अपराध के किए जाने के समय उस कम्पनी के कारोबार के संचालन के लिए, उस कम्पनी का भारसाधक और उसके प्रति उत्तरदायी था और साथ ही वह कम्पनी भी, ऐसे अपराध के दोषी समझे जाएंगे और तदनुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दण्डित किए जाने के भागी होंगे : परन्तु इस उपधारा में अंतर्विष्ट कोई बात किसी ऐसे व्यक्ति को दण्ड का भागी नहीं बनाएगी यदि वह यह साबित कर दे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या उसने ऐसे अपराध के किए जाने का निवारण करने के लिए सब सम्यक् तत्परता बरती थी। (2) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध, किसी कम्पनी द्वारा किया गया हो और यह साबित हो जाए कि वह अपराध कम्पनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता से किया गया है या उस अपराध का किया जाना उसकी किसी उपेक्षा के कारण माना जा सकता है, वहां ऐसा निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी भी उस अपराध का दोषी समझा जाएगा और तदनुसार अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने और दण्डित किए जाने का भागी होगा। स्पष्टीकरण.—इस धारा के प्रयोजनों के लिए,— (क) "कम्पनी" से कोई निगमित निकाय अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत फर्म या व्यष्टियों का अन्य संगम है; या (ख) फर्म के संबंध में "निदेशक" से उस फर्म का भागीदार अभिप्रेत है।
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