section 33
धारा 29 से 31 के अधीन उद्गृहीत रकम के संग्रहण की प्रक्रिया तथा धारा 32 के अधीन रकम को पृथक् रखने तथा धारा 8 के अधीन गठित निधि में उन्हें जमा करने के लिए प्रक्रिया
The M.P. Asangthit Karamkaar Kalyan Adhiniyam, 2003धारा 29 से 31 के अधीन उद्गृहीत रकम के संग्रहण की प्रक्रिया तथा धारा 32 के अधीन रकम को पृथक् रखने तथा धारा 8 के अधीन गठित निधि में उन्हें जमा करने के लिए प्रक्रिया (1) धारा 29, 30 तथा 31 के अधीन उदगृहीत क्रमशः अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क, मोटर यान कर तथा कल्याण उपकर तथा धारा 32 के अधीन पृथक् की गई रायल्टी या अनिवार्य भाटक के आगम को प्रथमतः संग्रहीत किया जाएगा और उसे संचित निधि में ऐसी रीति में जैसी कि विहित की जाए, जमा किया जाएगा। (2) राज्य सरकार प्रत्येक वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होने पर विधि द्वारा किए गए सम्यक् विनियोग के पश्चात् पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में उक्त धारा 29, 30 तथा 31 के अधीन वसूल किए गए आगम तथा धारा 32 के अधीन पृथक् रखी गई रकम के समतुल्य रकम को संचित निधि में से आहरित करेगी और इस प्रकार आहरित रकम को वित्तीय वर्ष की 31 जुलाई तक धारा 8 के अधीन गठित निधियों में निम्नलिखित रीति में संदत करेगी और उक्त निधि में ऐसी जमा राशि राज्य की संचित निधि पर प्रभारित होगी :— (एक) धारा 31 तथा 32 के अधीन वसूल की गई रकम मध्यप्रदेश ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण निधि में जमा की जाएगी; (दो) धारा 30 के अधीन वसूल की गई रकम मध्यप्रदेश नगरीय असंगठित कर्मकार कल्याण निधि में जमा की जाएगी; (तीन) धारा 29 के अधीन वसूल की गई रकम धारा 8 के अधीन गठित दोनों निधियों के बीच ऐसी रीति में विभाजित की जाएगी जैसी कि विहित की जाए।
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