section 3
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के असंगठित कर्मकारों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन
The M.P. Asangthit Karamkaar Kalyan Adhiniyam, 2003ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के असंगठित कर्मकारों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन (1) राज्य सरकार, ऐसी तारीख से, जो कि अधिसूचना द्वारा नियत की जाए, मध्यप्रदेश ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड और मध्यप्रदेश नगरीय असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड के नाम से बोर्ड का गठन करेगी जो इस अधिनियम के अधीन उन्हें प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग और कृत्यों का पालन करेंगे: परन्तु प्रत्येक बोर्ड के गठन के लिए भिन्न-भिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी। (2) उपधारा (1) के अधीन गठित प्रत्येक बोर्ड पूर्वोक्त नाम से एक निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार होगा तथा जिसकी सामान्य मुद्रा होगी और जो उक्त नाम से वाद चलायेगा तथा उक्त नाम से उसके विरुद्ध वाद चलाया जा सकेगा। (3) प्रत्येक बोर्ड एक अध्यक्ष (चेयरपर्सन) और पंद्रह से अनधिक उतनी संख्या में अन्य सदस्यों से मिलकर बनेगा जो राज्य सरकार द्वारा इसके लिए नियुक्त किए जाएं: परन्तु बोर्ड में राज्य सरकार, नियोजकों और असंगठित कर्मकारों का प्रतिनिधित्व कर रहे सदस्यों की एक समान संख्या सम्मिलित होगी और असंगठित कर्मकारों का प्रतिनिधित्व कर रहे लगभग एक तिहाई सदस्य महिलाएं होंगी। (4) बोर्ड के अध्यक्ष (चेयरपर्सन) और अन्य सदस्यों की नियुक्ति के निबंधन और शर्तें तथा उनको देय वेतन और अन्य भत्ते तथा बोर्ड के सदस्यों की आकस्मिक रिक्तियों को भरने की रीति ऐसी होगी जैसी कि विहित की जाए।
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