section 7
बोर्ड की अधिकारिता और कृत्य
The M.P. Asangthit Karamkaar Kalyan Adhiniyam, 2003बोर्ड की अधिकारिता और कृत्य (1) मध्यप्रदेश ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड और मध्यप्रदेश नगरीय असंगठित कर्मकार कल्याण बोर्ड की अधिकारिता का विस्तार उन असंगठित कर्मकारों पर होगा जो सामान्यतया राज्य के क्रमशः ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में निवास करते हैं। (2) उपधारा (1) के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, धारा 13 के अधीन हकदार सदस्यों को निम्नलिखित में से समस्त या कोई प्रसुविधाएं उपलब्ध करा सकेगा, अर्थात्:-(क) दुर्घटना की दशा में किसी सदस्य को तुरन्त सहायता; (ख) उन सदस्यों को पेंशन जो 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हों; (ग) गृह निर्माण के लिए सदस्य को ऋण और अग्रिम; (घ) सदस्यों के समूह बीमा के लिए प्रीमियम का भुगतान; (ङ) बच्चों की शिक्षा के लिये वित्तीय सहायता; (च) किसी सदस्य या उसके ऐसे आश्रित को जिसे विहित किया जाए, की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए सहायता; (छ) महिला सदस्यों को प्रसूति प्रसुविधा; और (ज) ऐसी अन्य प्रसुविधाएं जिन्हें विहित किया जाए। (3) किसी प्रसुविधा को प्रदान करने की पात्रता का मानदंड, वह पैमाना जिस पर यह दी जा सकेगी, आवेदन करने और मंजूर करने की प्रक्रिया तथा प्रसुविधा प्रदान करने से संसक्त अन्य आनुषंगिक विषय ऐसे होंगे जैसा कि बोर्ड इस निमित बनाई स्कीम द्वारा उपबंधित करे। (4) बोर्ड किसी स्थानीय प्राधिकरण या किसी नियोजक को किसी स्थापना में असंगठित कर्मकारों के कल्याण से संसक्त प्रयोजन के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित किसी स्कीम के लिए ऋण या सहायता प्रदान कर सकेगा। (5) बोर्ड, किसी ऐसे स्थानीय प्राधिकरण या किसी ऐसे नियोजक को वार्षिक सहायता अनुदान संदत कर सकेगा।
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