section 167
ननरसन एवं व्यावूवृत्त
The Jharkhand State University Act, 2026Education2026159 of 169 sections available17 chapters
Chapter XVII Chapter XVII
Statutory text
निरसन एवं व्यावृत्ति
- (1) इस अधिनियम के प्रवृत्त होने पर निम्नलिखित अधिनियम निरसित किए जाते हैं:- (क) झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2000 (समय-समय पर यथा संशोधित); (ख) झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016; (ग) झारखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2015; (घ) पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2022।
- (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी,- (क) निरसित अधिनियमों के अधीन स्थापित समस्त विश्वविद्यालय इस अधिनियम के अधीन स्थापित माने जाएंगे; (ख) निरसित अधिनियमों के अधीन बनाए गए सभी परिनियम, अध्यादेश, विनियम, नियम एवं जारी किए गए आदेश अथवा अधिसूचनाएं, जहाँ तक वे इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत नहीं हैं, तब तक प्रभावी बने रहेंगे जब तक कि वे इस अधिनियम के अधीन बनाए गए परिनियमों, अध्यादेशों, विनियमों, नियमों या आदेशों द्वारा प्रतिस्थापित, संशोधित या निरसित न कर दिए जाएं; (ग) निरसित अधिनियमों के अधीन नियुक्त या कार्यरत सभी पदाधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी इस अधिनियम के अधीन अपने-अपने पदों पर समान पद, वेतनमान तथा सेवा शर्तों पर बने रहेंगे; (घ) निरसित अधिनियमों के अधीन प्रदत्त समस्त उपाधियां, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र या अन्य शैक्षणिक विशिष्टताएं इस अधिनियम के अधीन प्रदत्त मानी जाएंगी; (ङ) निरसित अधिनियमों के अधीन किसी विश्वविद्यालय द्वारा किए गए समस्त कार्य, संविदाएं, करार, दायित्व एवं लेन-देन इस अधिनियम के अधीन संबंधित विश्वविद्यालय पर बाध्यकारी एवं मान्य रहेंगे; (च) निरसित अधिनियमों के अधीन न्यायालयों, अधिकरणों या अन्य प्राधिकारियों के समक्ष लंबित सभी वाद, अपीलें, विधिक कार्यवाहियां एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियां अप्रभावित रहेंगी और इस अधिनियम के अधीन उसी प्रकार जारी रहेंगी।
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