section 146
अध्यि, सिस्य (प्रिासन) एवं अन्य सिस्यों का त्यागपत्र एवं पिच्यूतीकरण
The Jharkhand State University Act, 2026Education2026159 of 169 sections available17 chapters
Chapter XV Chapter XV
Statutory text
- (1) अध्यक्ष, सदस्य (प्रशासन) अथवा कोई अन्य सदस्य राज्य सरकार को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित स्वलिखित त्यागपत्र द्वारा किसी भी समय अपने पद से त्यागपत्र दे सकेंगे।
- (2) राज्य सरकार, आदेश द्वारा, अध्यक्ष, सदस्य (प्रशासन) अथवा किसी सदस्य को उनके पद से हटा सकेगी, यदि वह- (क) दिवालिया घोषित किया गया हो; अथवा (ख) अपने कार्यकाल के दौरान अपने पद के कर्तव्यों के अतिरिक्त किसी अन्य वैतनिक नियोजन में लगा हो; अथवा (ग) सक्षम न्यायालय द्वारा विकृतचित्त घोषित किया गया हो; अथवा (घ) किसी ऐसे अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराया गया हो जिसमें नैतिक अधमता शामिल हो; अथवा (ङ) शारीरिक या मानसिक रूप से अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हो गया हो; अथवा (च) उसने अपने पद का ऐसा दुरुपयोग किया हो जिससे उसका पद पर बने रहना लोकहित के प्रतिकूल हो: परंतु यह कि खंड (च) के अधीन किसी भी व्यक्ति को उसके पद से तब तक नहीं हटाया जाएगा जब तक कि उसे इस संबंध में सुनवाई का उचित अवसर प्रदान न किया गया हो।
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