The Jharkhand State University Act, 2026
Chapter IX Chapter IX
Education2026159 of 169 sections available17 chapters
Chapter IX Chapter IX
108. संबद्धता और मान्यता के लिए शर्तें
Statutory text
संबद्धता एवं मान्यता के लिए अनुमति
संबद्धता और मान्यता के शलए ितें
Chapter IX Chapter IX
109. स्वायत्त महाविद्यालय
Statutory text
स्वायत्त महाववद्यालय
Chapter IX Chapter IX
110. सितत स्वायत्त महाववद्यालय
Statutory text
सितत स्वायत्त महाववद्यालय
Chapter IX Chapter IX
111. सितत स्वायत्त संकुल संस्थान
Statutory text
सतत स्वायत्त संकुल संस्थान
- (1) समान प्रबंधन अथवा शैक्षणिक समाज के अंतर्गत आने वाले स्वायत्त महाविद्यालयों या संस्थानों के समूह, जिन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू०जी०सी०) द्वारा उत्कृष्टता हेतु संभावित महाविद्यालय या उत्कृष्ट महाविद्यालय के रूप में मान्यता प्राप्त हो, तथा जिन्हें राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित उच्च ग्रेड प्रदान किया गया हो, को विश्वविद्यालय द्वारा परिनियमों के अंतर्गत विहित शर्तों एवं प्रक्रिया के अनुसार 'सतत स्वायत्त संकुल संस्थान' का दर्जा प्रदान किया जा सकेगा।
- (2) ऐसे सतत स्वायत्त संकुल संस्थान को निम्नलिखित शक्तियाँ, अधिकार एवं स्वायत्तता प्राप्त होगी, अर्थात् :- (क) शिक्षण प्रधान विश्वविद्यालय के साथ संयुक्त रूप से डिग्री (उपाधि), डिप्लोमा तथा प्रमाण पत्र प्रदान करना; (ख) संकुल के अंतर्गत आने वाले अपने सभी घटक महाविद्यालयों एवं संस्थानों के मध्य शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं अनुसंधान अवसंरचना, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों तथा संकाय सदस्यों का साझा उपयोग करना; (ग) नवीन ज्ञान-शाखाओं, अंतःविषयी, बहुविषयी तथा कौशल आधारित पाठ्यक्रमों एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का निर्माण, विकास तथा उनका संचालन करना; (घ) पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन योजना, क्रेडिट संरचना निर्धारित करना, परीक्षाएं आयोजित करना, मूल्यांकन करना तथा परीक्षा परिणाम घोषित करना; (ङ) राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं विनियामक निकायों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अकादमिक क्रेडिट बैंक
- (ABC) के माध्यम से विद्यार्थियों को क्रेडिट ट्रांसफर तथा बहु-प्रवेश एवं निकास (Multiple Entry and Exit) की सुविधा उपलब्ध कराना; (च) उद्योग जगत एवं प्रतिष्ठित राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग तथा सहभागिता स्थापित करना; (छ) परिनियमों में विहित रीति से अपने आंतरिक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रबंधन हेतु स्वतंत्र शासी निकाय (Governing Body), शैक्षणिक परिषद तथा अन्य समितियों का गठन करना एवं उनका संचालन करना; तथा (ज) ऐसे अन्य अधिकारों का प्रयोग करना एवं कर्तव्यों का निर्वहन करना, जो परिनियमों अथवा विश्वविद्यालय अध्यादेशों द्वारा विहित किए जाएं।
- (3) प्रत्येक सतत स्वायत्त संकुल संस्थान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, संबंधित विनियामक निकायों तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विहित गुणवत्ता मानकों, विनियमों एवं मार्गदर्शिकाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होगा।
- (4) यदि कोई सतत स्वायत्त संकुल संस्थान इस अधिनियम, परिनियमों, विनियमों अथवा विहित शर्तों और गुणवत्ता मानकों के अनुपालन में विफल रहता है या उनका उल्लंघन करता है, तो विश्वविद्यालय द्वारा विधिवत जाँच एवं सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात्, सतत स्वायत्त संकुल संस्थान का दर्जा वापस लिया जा सकेगा अथवा निलंबित किया जा सकेगा।
Some statutory text is still being prepared for this language version.
PDF: pending for this language.