The Jharkhand State University Act, 2026
Chapter VIII Chapter VIII
Chapter VIII Chapter VIII
100. छात्र शिकायत निवारण समिति
छात्रों और कर्मचारियों की शिकायतें
- (1) प्रत्येक विश्वविद्यालय एवं अंगीभूत तथा सम्बद्ध महाविद्यालय में विद्यार्थियों की शिकायतों के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निवारण हेतु एक छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन किया जाएगा।
- (2) छात्र शिकायत निवारण समिति की संरचना, सदस्यों की योग्यता, कार्यकाल, शक्तियाँ, क्षेत्राधिकार तथा शिकायत निवारण की प्रक्रिया परिनियमों द्वारा विहित की जाएगी।
- (3) समिति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू०जी०सी०) एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करेगी।
Chapter VIII Chapter VIII
101. कर्मचारी शिकायत निवारण समिति
- (1) विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सेवा, वेतन, प्रोन्नति तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु एक कर्मचारी शिकायत निवारण समिति का गठन किया जाएगा।
- (2) कर्मचारी शिकायत निवारण समिति की संरचना, गठन की प्रक्रिया, शक्तियाँ, कार्यप्रणाली एवं बैठक से संबंधित नियम परिनियमों द्वारा विहित किए जाएंगे।
- (3) समिति प्राप्त शिकायतों की जाँच कर एक निश्चित समय-सीमा के भीतर अपना प्रतिवेदन एवं अनुशंसा सक्षम प्राधिकार को प्रस्तुत करेगी।
Chapter VIII Chapter VIII
102. कर्मचारी शिकायत निवारण न्यायाधिकरण
कमतचारी शिकायत ननवारण न्यायाधधकरण
Chapter VIII Chapter VIII
103. कर्मचारी को अपील का अधिकार
कर्मचारी को अपील का अधिकार
- (1) कोई भी कर्मचारी जो विश्वविद्यालय, अंगीभूत महाविद्यालय या संबद्ध महाविद्यालय के प्रबंधन या प्राधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश से व्यथित है, जिसके द्वारा उसे पदच्युत, हटाया गया है या उसकी सेवा समाप्त की गई है या उसे पदावनत किया गया है या धारा 101 के अधीन कर्मचारी शिकायत निवारण समिति के आदेश से व्यथित है, वह ऐसे आदेश के संसूचना की तिथि से तीस दिनों के भीतर न्यायाधिकरण को अपील कर सकता है: परंतु यह कि, न्यायाधिकरण तीस दिनों की उक्त अवधि की समाप्ति के बाद भी अपील स्वीकार कर सकेगा यदि उसका समाधान हो जाता है कि अपीलकर्ता के पास विहित अवधि के भीतर अपील दायर न करने का पर्याप्त कारण था।
- (2) उप-धारा
- (1) के अधीन कोई अपील विहित प्रपत्र में होगी और उसके साथ ऐसे दस्तावेज और फीस होगी जो विहित की जाए।
Chapter VIII Chapter VIII
104. कर्मचारी शिकायत निवारण न्यायाधिकरण और समिति की सामान्य शक्तियाँ और प्रक्रिया
कर्मचारी शिकायत निवारण न्यायाधिकरण और समिति की सामान्य शक्तियाँ और प्रक्रिया
- (1) किसी अपील की सुनवाई और निपटारे के प्रयोजन के लिए न्यायाधिकरण और समिति को वही शक्तियाँ प्राप्त होंगी जो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन किसी वाद का विचारण करते समय सिविल न्यायालय में निहित होती हैं, विशेष रूप से निम्नलिखित मामलों में, अर्थात् :- (क) किसी व्यक्ति को समन जारी करना और उपस्थित कराना तथा शपथ पर उसकी परीक्षा करना; (ख) दस्तावेजों को प्रकट करने और प्रस्तुत करने की अपेक्षा करना; (ग) शपथ-पत्रों पर साक्ष्य ग्रहण करना; (घ) किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी सार्वजनिक अभिलेख या उसकी प्रति की मांग करना; (ङ) साक्षियों की परीक्षा या दस्तावेजों के निरीक्षण के लिए कमीशन जारी करना; तथा (च) कोई अन्य मामला जो विहित किया जाए।
- (2) न्यायाधिकरण या समिति के समक्ष सभी कार्यवाहियाँ भारतीय दंड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 193 और 228 के अर्थ के अंतर्गत न्यायिक कार्यवाहियाँ मानी जाएंगी।
- (3) न्यायाधिकरण प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होगा और इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनाए गए परिनियमों के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अपनी स्वयं की प्रक्रिया को विनियमित करने की शक्ति रखेगा।
Chapter VIII Chapter VIII
105. न्यायाधिकरण की उचित राहत और निर्देश देने की शक्तियाँ
न्यायाधिकरण की उचित राहत और निर्देश देने की शक्तियाँ
- (1) पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात, न्यायाधिकरण ऐसा आदेश पारित कर सकता है जैसा वह उचित और उपयुक्त समझे, जिसमें निम्नलिखित निर्देश शामिल हो सकते हैं:- (क) पदच्युति, हटाए जाने, सेवा समाप्ति या पदावनति के आदेश को रद्द करना; (ख) कर्मचारी को उसके पद पर पुनर्स्थापित करना और ऐसे वेतन और भत्तों का भुगतान करना जो देय हों; (ग) कर्मचारी को कोई अन्य राहत या मुआवजा प्रदान करना जो न्यायाधिकरण की राय में न्यायोचित हो; (घ) विश्वविद्यालय या संबंधित संस्थान के प्रबंधन को न्यायाधिकरण के आदेश के अनुपालन के संबंध में निर्देश देना।
- (2) न्यायाधिकरण द्वारा पारित आदेश संबंधित पक्षों पर बाध्यकारी होगा और आदेश में विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर इसका अनुपालन किया जाएगा।
Chapter VIII Chapter VIII
106. न्यायाधिकरण का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा
न्यायाधिकरण का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा न्यायाधिकरण द्वारा किसी अपील पर दिया गया प्रत्येक निर्णय और आदेश अंतिम होगा और पक्षों पर बाध्यकारी होगा और किसी भी न्यायालय में उस पर प्रश्न नहीं उठाया जाएगा।
Chapter VIII Chapter VIII
107. न्यायाधिकरण के निर्देशों का पालन न करने पर विश्वविद्यालय पर जुर्माना
न्यायाधधकरण के ननिेिों का पालन न करने पर ववश्वववद्यालय पर ज ु मातना
Some statutory text is still being prepared for this language version.
PDF: pending for this language.