section 55
अस्थायी उपबन्ध
The Sanchi University of Buddhist-Indic studies Act, 2012Education201259 sections
Statutory text
- (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, कुलपति, साधारण परिषद के अध्यक्ष के पूर्व अनुमोदन और निधियों की उपलब्धता के अध्यधीन रहते हुए इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए विश्वविद्यालय के समस्त या किन्हीं भी कृत्यों का निर्वहन कर सकेगा और उस प्रयोजन के लिए ऐसे समय तक, ऐसी किन्हीं भी शक्तियों का प्रयोग या किन्हीं भी कर्तव्यों का पालन कर सकेगा, जिनका इस अधिनियम द्वारा विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकारी द्वारा प्रयोग या पालन किया जाना है, जब तक कि इस अधिनियम द्वारा उपबंधित किये गये अनुसार ऐसा प्राधिकारी अस्तित्व में नहीं आ जाता है.
- (2) इस अधिनियम और परिनियमों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी,- (एक) प्रथम कुलपति राज्य सरकार की सिफारिश पर कुलाध्यक्ष द्वारा नियुक्त किया जाएगा. प्रथम कुलपति की पदावधि ऐसी होगी जैसी कि राज्य सरकार उचित समझे; (दो) प्राधयन केन्द्र का प्रथम बोर्ड ग्यारह से अनधिक सदस्यों से मिलकर बनेगा जो साधारण परिषद द्वारा नामनिर्दिष्ट किए जाएंगे और जो तीन वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेंगे; (तीन) प्रथम विद्या परिषद्, साधारण परिषद् द्वारा नामनिर्दिष्ट की जाएगी और नामनिर्दिष्ट सदस्य तीन वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेंगे: परन्तु यदि उपरोक्त सदस्यों अथवा प्राधिकारियों में कोई रिक्ति होती है है तो उसे साधारण परिषद द्वारा यथास्थिति नियुक्ति अथवा नामांकन से भरा जाएगा और इस प्रकार नियुक्त या नामनिर्दिष्ट व्यक्ति तब तक पद धारण करेगा जब तक कि वह अधिकारी या सदस्य जिसके स्थान पर वह नियुक्त या नामनिर्दिष्ट किया गया है, यदि ऐसी रिक्ति नहीं हुई होती तो पद धारण करता.
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