section 33
विद्या परिषद के सम्मिलन
The Sanchi University of Buddhist-Indic studies Act, 2012Education201259 sections
Statutory text
- (1) विद्या परिषद उतनी बार, जितनी कि आवश्यक है, सम्मिलन करेगी किन्तु किसी एक शैक्षणिक वर्ष के दौरान कम से कम दो बार सम्मिलन करेगी.
- (2) विद्या परिषद का अध्यक्ष (चेयरमैन) विद्या परिषद के सम्मिलन की अध्यक्षता करेगा और उसकी अनुपस्थिति में उपस्थित सदस्य अपने में से एक व्यक्ति को सम्मिलन की अध्यक्षता करने के लिए निर्वाचित करेंगे.
- (3) विद्या परिषद के सम्मिलन के लिये विद्या परिषद के सदस्यों की कुल संख्या के आधे सदस्यों से गणपूर्ति होगी.
- (4) विद्या परिषद के प्रत्येक सदस्य को, एक मत देने का अधिकार होगा और यदि विद्या परिषद द्वारा अवधारित किए जाने वाले किसी प्रश्न पर बराबर-बराबर मत हैं तो विद्या परिषद के अध्यक्ष या यथास्थिति, सम्मिलन की अध्यक्षता करने वाले सदस्य को, उसके अतिरिक्त, एक निर्णायक मत देने का अधिकार होगा.
- (5) यदि विद्या परिषद द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाना आवश्यक हो जाता है तो कुलपति, विद्या परिषद के सदस्यों में कागज-पत्रों के परिचालन द्वारा कामकाज का संचालन किया जाना अनुज्ञात कर सकेगा और की जाने के लिये प्रस्तावित कार्रवाई तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि इस पर विद्या परिषद के सदस्यों के बहुमत द्वारा सहमति नहीं दी जाती है और इस प्रकार की गई कार्रवाई की संसूचना विद्या परिषद के समस्त सदस्यों को तुरन्त दी जाएगी और संबंधित कागज-पत्र विद्या परिषद के आगामी सम्मिलन में उसकी पुष्टि के लिये रखे जाएंगे.
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