section 32
विद्या परिषद् की शक्तियां तथा उसके कृत्य
The Sanchi University of Buddhist-Indic studies Act, 2012इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए परिनियमों, अध्यादेशों और विनियमों के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, विद्या परिषद् को उसमें विनिहित की गई अन्य समस्त शक्तियों के अतिरिक्त निम्नलिखित शक्तियां होंगी, अर्थात्:-
(एक) ऐसे किसी विषय पर, जो साधारण परिषद् या कार्य परिषद् द्वारा उसे निर्दिष्ट या प्रत्यायोजित किया जाए, रिपोर्ट करना;
(दो) विश्वविद्यालय में अध्यापन पदों के सृजन, समाप्ति या वर्गीकरण और उनसे सम्बद्ध अर्हताओं, परिलब्धियां तथा कर्तव्यों के संबंध में कार्य परिषद् को सिफारिशें करना;
(तीन) संकायों के गठन के लिये स्कीमें बनाना तथा उनको उपान्तरित करना या पुनरीक्षित करना और ऐसे संकायों को उनके संबंधित विषय सौंपना और किसी संकाय को समाप्त या उपविभाजित करने या एक संकाय को दूसरे संकाय के साथ संयोजित करने की समीचीनता के संबंध में भी कार्य परिषद् को रिपोर्ट करना;
(चार) विश्वविद्यालय में नामांकित व्यक्तियों से भिन्न व्यक्तियों के शिक्षण तथा परीक्षा के लिये विनियमों के माध्यम से व्यवस्था करना;
(पांच) विश्वविद्यालय के भीतर गवेषणा को प्रोन्नत करना और ऐसी गवेषणा पर, समय-समय पर, रिपोर्ट दिये जाने की अपेक्षा करना;
(छह) संकायों द्वारा प्रस्तुत किये गये प्रस्तावों पर विचार करना;
(सात) विश्वविद्यालय में प्रवेश हेतु समितियां नियुक्त करना;
(आठ) अन्य विश्वविद्यालयों तथा संस्थाओं के उपाधिपत्रों तथा उपाधियों को मान्यता देना और विश्वविद्यालय के उपाधिपत्रों तथा उपाधियों के संबंध में उनकी समतुल्यता अवधारित करना;
(नौ) साधारण परिषद द्वारा स्वीकृत किन्हीं शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, अध्येतावृत्ति, छात्रवृत्ति तथा अन्य पुरस्कारों के लिये प्रतियोगिताओं का समय, ढंग तथा शर्तें नियत करना तथा उन्हें प्रदान करना;
(दस) परीक्षकों की नियुक्ति तथा यदि आवश्यक हो तो उनके हटाए जाने और उनकी फीस, परिलब्धियां तथा यात्रा और अन्य व्यय नियत करने के बारे में कार्य परिषद को सिफारिशें करना;
(ग्यारह) विभिन्न परीक्षाओं के परिणाम घोषित करना या ऐसा करने के लिये समितियाँ या अधिकारी नियुक्त करना और उपाधियों, सम्मानों, उपाधिपत्रों, पदवी (टाइटलस) और सम्मान के प्रतीकों को प्रदान किये जाने के संबंध में सिफारिशें करना;
(बारह) वृत्तिका, छात्रवृत्ति, पदक तथा पुरस्कार देना और अन्य अवार्ड (पुरस्कार) अध्यादेशों या ऐसी अन्य शर्तों के अनुसार देना, जो ऐसे अवार्ड (पुरस्कार) से संबद्ध की जाएं;
(तेरह) विहित की गई या सिफारिश की गई पाठ्य-पुस्तकों की सूची प्रकाशित करना और विहित किये गये अध्ययन पाठ्यक्रमों का पाठ्य-विवरण प्रकाशित करना;
(चौदह) ऐसे प्ररूप तथा रजिस्टर तैयार करना जो विनियमों द्वारा, समय-समय पर, विहित किए जाएं;
(पन्द्रह) विद्या संबंधी मामलों के संबंध में समस्त ऐसे कर्तव्यों का पालन करना और ऐसे समस्त कार्य करना जो इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए परिनियमों, अध्यादेशों तथा विनियमों के उपबन्धों के उचित कार्यान्वयन के लिए आवश्यक हों, और
(सोलह) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करना तथा ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करना जो इस अधिनियम के अधीन उसे प्रदत्त किये जाएं अथवा उस पर अधिरोपित किए जाएं.
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