section 41
विनियम
The Sanchi University of Buddhist-Indic studies Act, 2012Education201259 sections
Statutory text
- (1) इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, कार्य परिषद् को उसमें विनिहित की गई अन्य समस्त शक्तियों के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कार्यकलापों के प्रशासन तथा प्रबंध के लिये उपबंध करने हेतु विनियम बनाने की शक्ति भी होगी: परन्तु कार्य परिषद् ऐसा कोई विनियम जो विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकारी की हैसियत, शक्तियों या उसके गठन को प्रभावित करता हो, तब नहीं बनाएगी जब तक कि ऐसे प्राधिकारी को प्रस्तावित परिवर्तनों पर लिखित में राय अभिव्यक्त करने का एक अवसर नहीं दिया गया हो और इस प्रकार अभिव्यक्त की गई किसी राय पर कार्य परिषद् द्वारा विचार किया जाएगा: परन्तु यह और कि कार्य परिषद् निम्नलिखित समस्त या किन्हीं विषयों पर प्रभाव डालने वाला कोई विनियम, विद्या परिषद् की पूर्व सहमति के बिना नहीं बनाएगी और न ही उसे संशोधित या निरस्त करेगी, अर्थात् :- (एक) विद्या परिषद् का गठन, उसकी शक्तियां तथा कर्तव्य; (दो) विश्वविद्यालय के संबंध में अध्यापन पाठ्यक्रम तथा विद्या संबंधी कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए जिम्मेदार प्राधिकारी; (तीन) संकायों, विभागों, छात्र निवासों तथा संस्थाओं की स्थापना और उनका समाप्त किया जाना; (चार) परीक्षकों की नियुक्ति की शर्तें तथा ढंग और परीक्षाओं या अन्य अध्ययन पाठ्यक्रमों का संचालन तथा उसके मानक; (पांच) छात्रों के नामांकन तथा प्रवेश का ढंग; (छह) अन्य परीक्षाओं को विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के संचालन तथा स्तर के समतुल्य मान्यता प्रदान करना.
- (2) विद्या परिषद् को यह शक्ति होगी कि वह उपधारा
- (1) के खण्ड (एक) से (छह) तक में विनिर्दिष्ट समस्त मामलों पर और उससे संसक्त या आनुषंगिक मामलों पर विनियम प्रस्तावित करे.
- (3) जहां विद्या परिषद् द्वारा प्रस्तावित किसी विनियम का प्रारूप कार्य परिषद ने नामंजूर कर दिया है वहां विद्या परिषद्, कुलाधिपति को अपील कर सकेगी और कुलाधिपति आदेश द्वारा यह निदेश दे सकेगा कि प्रस्तावित विनियम साधारण परिषद के आगामी सम्मिलन के समक्ष उसके अनुमोदन के लिये रखा जाए और साधारण परिषद के ऐसे अनुमोदन के लम्बित रहने तक वह विनियम ऐसी तारीख से, जो ऐसे आदेश में विनिर्दिष्ट की जाए, प्रभावी होगा: परन्तु ऐसे विनियम को यदि साधारण परिषद के ऐसे सम्मिलन में अनुमोदित नहीं किया जाता है तो वह प्रभावी नहीं रह जाएगा.
- (4) कार्य परिषद् द्वारा बनाए गए समस्त विनियम साधारण परिषद के समक्ष उसके आगामी सम्मिलन में प्रस्तुत किए जाएंगे और साधारण परिषद को यह शक्ति होगी कि वह कार्य परिषद् द्वारा बनाए गए किसी विनियम को संशोधित या रद कर दे: परन्तु ऐसे विनियम जहां तक कि वे धारा 43 में प्रगणित किए गए अनुसार उपदान तथा पेंशन से संबंधित हैं, साधारण परिषद द्वारा अनुमोदन के पश्चात ही प्रवृत्त होंगे.
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