section 45
विनियम बनाने की शक्ति
Uttarakhand Para Chikitsa Parishad Adhiniyam, 2009Health200944 sections
Statutory text
- (1) परिषद, राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन से इस अधिनियम के उपबन्धों को क्रियान्वित करने के लिए इस अधिनियम और तदधीन बनाए गए नियमों से संगत विनियम, अधिसूचना द्वारा बना सकेगी।
- (2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना नियमों में निम्नलिखित सभी या किन्हीं विषयों के लिए उपबन्ध किया जा सकेगा; अर्थात् :- (क) धारा 8 की उपधारा
- (1) के अधीन परिषद की बैठक व समय, स्थान उसकी प्रक्रिया और गणपूर्ति; (ख) धारा 12 की उपधारा
- (1) के अधीन परिषद के गैर सदस्य सहयोजित करने की रीति और प्रयोजन; (ग) धारा 13 की उपधारा
- (1) के अधीन किसी समिति की संरचना कालावधि और कृत्य; (घ) धारा 15 की उपधारा
- (1) के अधीन सचिव/रजिस्ट्रार अन्य कर्मचारी, नियुक्ति, सेवा शर्तें और पारिश्रमिक; (ङ) धारा 17 के अधीन सचिव-रजिस्ट्रार के कर्तव्यों के लिए विनियम; (च) धारा 20 तथा 21 के अधीन मान्यता प्राप्त अर्हताऐं अनूदत्त करने हेतु शिक्षा के न्यूनतम मानक; (छ) धारा 25 की उपधारा
- (1) के अधीन रजिस्टर का अनुरक्षण; (ज) धारा 26 की उपधारा
- (1) के अधीन रजिस्टर में नाम की प्रविष्टि के लिए रीति और फीस का संदाय; (झ) धारा 26 की उपधारा
- (3) के अधीन नाम प्रविष्टि करने के इंकार करने की रीति; (ञ) धारा 27 की उपधारा
- (1) के अधीन वृत्तिक आचरण और शिष्टाचार तथा सदाचार संहिता के मानदंड; (ट) धारा 28 की उपधारा
- (1) के अधीन अनुशासन समिति द्वारा जांच की रीति; (ठ) धारा 29 के अधीन पुनः प्रविष्टि करने की रीति उसकी फीस का संदाय, शर्त और अपेक्षाएं; (ड) परा-चिकित्सा व्यवसायों में से पांच सदस्यों के निर्वाचन करने की रीति; और (ढ) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की शक्तियां तथा कर्तव्य।
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