section 10
बैठक का कार्यवृत्त एवं कार्यवाही की वैधता
Uttarakhand Para Chikitsa Parishad Adhiniyam, 2009Health200944 sections
Statutory text
- (1) परिषद् की प्रत्येक बैठक का कार्यवृत्त गोपनीय होगा एवं कोई भी व्यक्ति परिषद् के पूर्व संकल्प के बिना बैठक की कार्यवाही अथवा उसके अंश को प्रकट नहीं करेगा : परन्तु यह कि कोई व्यक्ति परिषद् की बैठक के उन निर्णयों को प्रकट अथवा प्रकाशित कर सकेगा, जिसके लिए परिषद् द्वारा संकल्प लिया जा चुका है एवं यदि परिषद् के किसी संकल्प द्वारा प्रकाशन को सर्वथा गोपनीय रखने का संकल्प न लिया गया हो।
- (2) किसी भी व्यक्ति द्वारा परिषद् की सदस्यता अथवा अध्यक्षता, उपाध्यक्षता अथवा किसी बैठक के पीठासीन अधिकारी की हैसियत से किए गए कार्य, उनके चुनाव अथवा नामांकन के दोष अथवा निरर्हता के कारण समाप्त नहीं होगी अथवा परिषद् के उन बैठकों की कार्यवाही, जिसमें उनके द्वारा अध्यक्षता की गई हो, भी बाधित नहीं होगी, यदि बैठक के निर्णय सदस्यों के बहुमत के आधार पर लिए हों।
- (3) जब परिषद् का कोई पद रिक्त हो तो परिषद् के निरन्तर बने सदस्य इस प्रकार कार्य करेंगे, जैसे कि वह रिक्ति घटित न हुई हो।
- (4) परिषद् द्वारा किए गए किसी भी कार्य पर मात्र इस आशय से प्रश्नचिन्ह नहीं लगाया जा सकेगा कि उसमें कोई रिक्ति रह गई हो अथवा परिषद् के गठन में किसी प्रकार दोष हो।
- (5) परिषद् की प्रत्येक बैठक की कार्यवाहियों के कार्यवृत्त इस प्रयोजन के लिए रखी जाने वाली पुस्तिका में अभिलिखित किए जायेंगे, जिसमें उपस्थित परिषद् के सदस्यों के नाम, कार्यवृत्त दर्ज किए जायेंगे और उसमें पीठासीन अधिकारी द्वारा या उसी या ठीक आगामी बैठक में पुष्टिकरण के लिए हस्ताक्षर किए जायेंगे।
- (6) जब तक प्रतिकूल साबित न हो जाए, बैठक के कार्यवृत्त पर इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार हस्ताक्षर कर दिए हों परिषद् की बैठक सम्यक रूप से बुलाई गई समझी जायेगी।
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