section 2
परिभाषाएं
Uttarakhand Para Chikitsa Parishad Adhiniyam, 2009Health200944 sections
Statutory text
इस अधिनियम में, जब तक कि सन्दर्भ से अपेक्षित न हो :- (क) “अधिसूचना” से राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना अभिप्रेत है; (ख) “आयुर्विज्ञान प्रयोगशाला” से ऐसी प्रयोगशाला अभिप्रेत है, जो अर्हंत तकनीकी व्यक्तियों द्वारा नैदानिक, उपचारार्थ और अनुसंधान प्रयोजनों के लिए चलाई जा रही है; (ग) “तकनीशियन” से ऐसा कोई व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसका नाम रजिस्टर में अंकित है; (घ) “निधि” से धारा 32 की उपधारा
- (1) के अधीन स्थापित परिषद की निधि अभिप्रेत है; (ङ) “परिषद” से धारा 3 के अन्तर्गत गठित उत्तराखण्ड परा-चिकित्सा परिषद अभिप्रेत है; (च) “परा-चिकित्सा शिक्षा” से शिक्षा अनुसंधान या प्रशिक्षण के कार्यक्रम या क्षेत्र अभिप्रेत है, जो राज्य सरकार यथास्थिति, परा-चिकित्सा परिषद के परामर्श से अधिसूचना द्वारा आयुर्विज्ञान प्रयोगशाला, प्रौद्योगिकी या विकिरण निदान या विकिरण चिकित्सा या नाभिकीय चिकित्सा या भौतिक चिकित्सा की विद्या घोषित करे; (छ) “परा-चिकित्सा व्यवसायी” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसका नाम रजिस्टर में दर्ज हो; (ज) “परा-चिकित्सा विषय” से ऐसे विषय अभिप्रेत है, जिन्हें विनियमों द्वारा विहित किया जाय; (झ) “परा-चिकित्सा अर्हता” से ऐसी अर्हता अभिप्रेत है, जिन्हें विनियमों में विहित किया जाय; (ञ) “भौतिक चिकित्सा” से भौतिक कारकों के माध्यम से, इसके अन्तर्गत ताप, शीत, प्रकाश, जल मालिश, किसी व्यक्ति को निःशक्तता के निवारण या सुधार करने के उद्देश्य से विद्युत या शारीरिक व्यायाम भी है, चिकित्सीय रूप से निदेशित चिकित्सा अभिप्रेत है, जिसके अन्तर्गत व्यवसायिक चिकित्सा भी है; (ट) “मजिस्ट्रेट” से प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिप्रेत है; (ठ) “मुख्य कार्यपालक अधिकारी” से धारा 16 में नियुक्त सचिव/रजिस्ट्रार अभिप्रेत है; (ड) “रजिस्टर” से धारा 25 की उपधारा
- (1) के अधीन रखा गया रजिस्टर अभिप्रेत है; (ढ) “विश्वविद्यालय” से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 की धारा 2 के खण्ड (च) के अधीन परिभाषित राज्य में स्थित किसी विश्वविद्यालय से (केन्द्रीय विश्वविद्यालय को छोड़कर) अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत राज्य में स्थित कोई संस्था भी है, जिसे उक्त अधिनियम की धारा 3 के अधीन सम विश्वविद्यालय घोषित किया गया है; (ण) "विकिरण निदान" से आयनकारी विकिरण (एक्सरे) अन्तर्वलित करते हुए सभी प्रकार की नैदानिक क्रियाविधियां अभिप्रेत है; (त) "विकिरण चिकित्सा" से सील किया हुआ आयनकारी विकिरण स्रोतों को अन्तर्वलित करते हुए किसी प्रकार की उपचारार्थ किया विधि अभिप्रेत है; (थ) "विनियमों" से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए विनियम अभिप्रेत है; (द) "विहित" से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है; (ध) "सरकार" से उत्तराखण्ड सरकार अभिप्रेत है; (न) "सदस्य" से परिषद का सदस्य अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत उसका अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष भी है; (प) "संस्था" से कोई संस्था अभिप्रेत है, चाहे वह किसी नाम से ज्ञात हो, जो इस अधिनियम के अधीन शिक्षा प्रदान करने के लिए विधि द्वारा स्थापित अथवा मान्यता प्राप्त हो; (फ) "समिति" से धारा 13 के अधीन गठित समिति अभिप्रेत है।
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