section 14
परिषद के कृत्य
Uttarakhand Para Chikitsa Parishad Adhiniyam, 2009Health200944 sections
Statutory text
- (1) परिषद का यह कर्तव्य होगा कि वह ऐसी कार्यवाही करे, जो परा-चिकित्सा शिक्षा और मानकों के अनुरक्षण के समेकित और एकीकृत विकास को सुनिश्चित करने के लिए ठीक समझे।
- (2) विशिष्टतया और पूर्वगामी पंक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना परिषद के कृत्यों में निम्नलिखित होंगे :- (क) रजिस्टर में नामों की प्रविष्टि, हटाए जाना या उसकी पुनः प्रविष्टि; (ख) परा-चिकित्सा विधा में व्यवसाय करने के लिए व्यक्तियों का रजिस्टर रखा जाना; (ग) परा चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं वृत्तिक आचरण या यथास्थिति परा-चिकित्सा व्यवसायी के सदाचार के मानकों का अवधारण; (घ) केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार से दान, अनुदान, संदान, पूर्तदान प्राप्त करना, वसीयतों और संदानों को प्राप्त करना तथा यथास्थिति वसीयतकर्ताओं, दानकर्ताओं या अन्तरणकर्ताओं से जंगम या स्थावर सम्पत्तियों का अन्तरण; (ङ) इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त आनुशासनिक शक्तियों का प्रयोग; (च) ऐसी सभी बातें करना, जो परिषद के सभी या किसी उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक या आनुषंगिक या सहायक हों।
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