section 40
प्रमाण-पत्रों आदि का बेईमानी से उपयोग करने के लिए दण्ड
Uttarakhand Para Chikitsa Parishad Adhiniyam, 2009Health200944 sections
Statutory text
कोई व्यक्ति :-
- (1) जो इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन रजिस्टर में अपनी प्रविष्टि का बेईमानी से उपयोग करता है; या
- (2) जो लिखित में अथवा अन्यथा, कोई मिथ्या या कपटपूर्ण घोषणा या अभ्यावेदन करके या प्रस्तुत करके या कराके इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन व्यवसाय करने की बेईमानी से प्रयास करता है; या
- (3) जो इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन रजिस्टर से सम्बन्धित किसी विषय में स्वैच्छया मिथ्या अभ्यावेदन करता है; या
- (4) जिसका नाम रजिस्टर से हटा दिया गया है और वह, यथास्थिति, परा-चिकित्सक व्यवसायी के रूप में स्वैच्छया व्यवसाय करता है, वह दोनों में से, किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक हो सकेगी या जुर्माने से, जो पचास हजार रुपये तक हो सकेगा अथवा दोनों से दण्डित किया जायेगा और किसी पश्चातवर्ती अपराध के लिए दोनों में से, किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक हो सकेगी या जुर्माने से, जो एक लाख रुपये तक हो सकेगा अथवा दोनों से दण्डित किया जायेगा।
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