section 37
परा-चिकित्सा व्यवसायी की रिपोर्ट को संज्ञान में न लिया जाना तथा स्वतंत्र व्यवसाय पर प्रतिबन्ध
Uttarakhand Para Chikitsa Parishad Adhiniyam, 2009Health200944 sections
Statutory text
परा-चिकित्सा व्यवसायी की रिपोर्ट तब तक वैध नहीं समझी जायेगी जब तक कि ऐसी रिपोर्ट को विषय विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा प्रतिहस्ताक्षर न कर दिया गया हो। परा-चिकित्सा व्यवसायी निजी व्यवसाय स्वतंत्र रूप से नहीं कर सकेगा।
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