section 39
गैर वृत्तिक द्वारा वृत्तिक के रूप में व्यवसाय करने के लिए शास्ति
Uttarakhand Para Chikitsa Parishad Adhiniyam, 2009Health200944 sections
Statutory text
ऐसा व्यक्ति, जिसका नाम इस अधिनियम के अधीन परिषद के रजिस्टर में प्रविष्ट नहीं किया गया है या जिसका नाम प्रविष्ट किया नहीं समझा जाता है और वह, यथास्थिति, परा-चिकित्सा व्यवसायी के रूप में व्यवसाय कर रहा है, वह दोनों में से, किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक हो सकेगी तथा जुर्माने से, जो बीस हजार रुपये तक का हो सकेगा, से दण्डित किया जायेगा।
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