section 38
धारा 27 का पािन न करने पर लमथ्या प्रविदथगट के लिये र्ालसि
The Chhattisgarh Societies Registraion Act, 1973(1) यदद अध्यक्ष, सथचि या कोई अन्य व्यजति, जो सोसायटी के र्ासी तनकाय के संकपप दिारा इस संबंध में प्राथधकृि ककया गया हो, धारा 27 के उपबंधों का पािन न करे, िो िह दोष लसदध पर जुमाने से, जो पॉच सौ रूपये िक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा और चािू रहने िािे भंग की दर्ा में, ऐसे अपराध के लिये प्रिम दोषलसदध के पश्चाि्, भंग चािू रहने की कािािथध के दौरान प्रत्येक ददन के लिये पंचास रूपये से अनाथधक जुमाने से भी दंडनीय होगा। (2) यदद कोई व्यजति धारा 27 दिारा अपेक्षक्षि की गई सूची में या रजजस्रार को भेजे गये ककसी वििरि में या वितनयम की प्रतिलिवप में या वितनयम में ककये गये पररििानों में जानबूझकर कोई लमथ्या प्रविष्ट या उनमें कोई िोप करेगा या करिायेगा, िो िह दोषलसदध पर जुमा से, जो दो हजार रूपये िक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा।
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