section 24
Provision for judgment against society
The Chhattisgarh Societies Registraion Act, 1973General197345 sections
Statutory text
(1) यदद सोसायटी की ओर से नालमि व्यजति या अथधकारी के विरूदध कोई तनिाय हो जाये, िो ऐसा तनिाय ऐसे व्यजति या अथधकारी की जंगम या स्िािर सम्पवि के विरूदध या उसके द्रारीर के विरूदध प्रितिाि नहीं ककया जायेगा अवपिु उसे सोसायटी की सम्पवि के विरूदध प्रितिाि ककया जायेगा। (2) तनदगपादन संबंधी आिेदन में तनिाय उपिखिाि ककया जायेगा, यह िथ्य उपिखिाि ककया जायेगा कक उस पक्षकार ने जजसके विरूदध तनिाय हुआ है सोसायटी की ही ओर से िाद चिाया है या उस िति पक्षकार के विरूदध सोसायटी के ही तनलमि िाद चिाया गया है, जैसी भी दर्ा हो और उसमें (आिेदन में) यह अपेक्षा की जायेगी कक तनिाय सोसायटी की सम्पवि के विरूदध प्रितिाि ककया जाये।
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