section 18
Members guilty of offences to be punishable as strangers
The Chhattisgarh Societies Registraion Act, 1973General197345 sections
Statutory text
सोसायटी का कोई भी सदस्य, जो ऐसी सोसायटी का कोई धन या अन्य सम्पतिि चुरायेगा, हड़पेगा या गबन करेगा या जानबूझकर ििा विदेश्िािर् ऐसी सोसायटी की सम्पवि को नदगट करेगा या क्षति पहुंचायेगा या ककसी वििेि, बंधपत्र धन की प्राजति के लिये प्रतिभूति या अन्य लिखिि को कूटरथचि करेगा, जजससे कक सोसायटी की तनथधयों को हातन पहुंचने की आर्ंका हो, उसी प्रकार के अलभयोजन के अधीन होगा और यदद लसदध दोदगा ठहराया जाये, िो िैसी ही रीति से दजण्डि ककये जाने का भागी होगा, जजस प्रकार की सदस्य से लभन्न कोई अन्य व्यजति उसी प्रकार के अपराध के संबंध में अलभयोजन के अधीन होिा ििा दजण्डि ककये जाने का भागी होिा।
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