section 21
Society shall not acquire, sell or transfer immovable property without prior permission of Registrar
The Chhattisgarh Societies Registraion Act, 1973(1) सोसायटी दिारा कोई भी स्िािर सम्पवि रजजस्रार की लिखिि पूिा अनुज्ञा के बबना, विक्रय दिारा, दान दिारा या अन्यिा अजजाि या अन्िररि नहीं की जायेगी। (2) अजजाि या अंिररि की गई सम्पवि का उपयोग, सोसायटी के उध्येर्ो से लभन्न ककसी उददेश्य के लिये िब िक नहीं ककया जाएगा जब िक कक रजजस्रार से अनुज्ञा अलभप्राति न कर िी गई हो ििा दान की दर्ा में दािा की लिखिि सहमति भी अलभप्राति न कर िी गई हो। (3) उपधारा (1) ििा (2) के अधीन अनुज्ञा के लिए आिेदन ऐसे प्रारूप में ऐसे दस्िािेजों सदहि ििा ऐसी फीस के साि, जैसी कक विदहि की जाए, ककया जाएगा। (4) जहॉ कोई सोसायटी उपधारा (1) या (2) के उपबंधों का उपिंघन करिी है िहॉ सोसायटी ऐसी रकम जैसी कक विदहि की जाए, रजजस्रार दिारा जारी ककए गए नोदटस की िारीि से िीन मास के भीिर जमा करने के लिए दायी होगी और यदद सोसायटी ऐसी रकम पूिोति समय के भीिर जमा करने में असफि रहिी है िो सोसायटी को धारा 34 के अधीन तनजष्क्रय समझा जाएगा।
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