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विश्वविद्यालय की शक्तियां तथा कृत्य
The Madhya Pradesh National Law Institute University Act, 2018विश्वविद्यालय की निम्नलिखित शक्तियां तथा कृत्य होंगे जो कि उसके द्वारा या उसके विभिन्न अधिकारियों तथा प्राधिकारियों के माध्यम से प्रयोग तथा पालन किए जाएंगे, अर्थात् :— (एक) विश्वविद्यालय का और अध्ययन, गवेषणा, प्रशिक्षण, शिक्षा और शिक्षण के ऐसे केन्द्रों का, जो विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को अग्रसर करने हेतु आवश्यक है, प्रशासन तथा प्रबंध करना; (दो) विधि तथा सहबद्ध विषयों संबंधी ज्ञान या विद्या की ऐसी समस्त शाखाओं में, जैसी कि विश्वविद्यालय उचित समझे, शिक्षण का उपबंध करना; (तीन) बहिवर्ती अध्ययन तथा विस्तारी सेवाओं को आयोजित करना तथा उसकी जिम्मेदारी लेना; (चार) गवेषणा, प्रशिक्षण तथा दूरस्थ विद्या तथा सतत् शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से विधि के ज्ञान की अभिवृद्धि तथा प्रसार के लिये उपबंध करना; (पांच) ऐसी शर्तों के अध्यधीन रहते हुए जैसी कि विश्वविद्यालय विहित करे, परीक्षाएं आयोजित करना और व्यक्तियों को उपाधि, टाईटल्स, पत्रोपाधि, प्रमाण-पत्र तथा अन्य विद्या संबंधी विशेष उपाधियां प्रदान करना या प्रदत्त करना और ऐसी किन्हीं उपाधियों, टाईटल्स, पत्रोपाधि तथा अन्य विद्या संबंधी विशेष उपाधियों का प्रत्याहरण करना; (छह) यथा विहित फीस तथा अन्य प्रभार नियत करना, उनकी मांग करना और प्राप्त करना; (सात) छात्र निवास (हाल) तथा छात्रावास स्थापित करना तथा बनाये रखना, तथा विश्वविद्यालय के छात्रों के निवास के लिये स्थानों को मान्यता देना और ऐसी मान्यता का प्रत्याहरण करना; (आठ) परिसर में ऐसी गवेषणा तथा शिक्षण के लिये जैसी विश्वविद्यालय की राय में उसके उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिये आवश्यक हो विशेष केन्द्र, विशेषित अध्ययन केन्द्र या अन्य इकाइयां स्थापित करना; (नौ) विश्वविद्यालय के छात्रों तथा कर्मचारिवृंद के अनुशासन को विनियमित करना तथा उनके स्वास्थ्य एवं व्यापक कल्याण के संवर्धन के लिए व्यवस्थाएं करना; (दस) छात्रों, जिनमें महिला छात्र भी सम्मिलित हैं, के शिक्षण तथा निवास के संबंध में व्यवस्था करना; (ग्यारह) शैक्षणिक, तकनीकी, प्रशासनिक, लिपिकीय तथा अन्य पद सृजित करना और उन पर नियुक्ति करना; (बारह) विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापक, कर्मचारिवृंद तथा अन्य कर्मचारियों में अनुशासन को बनाए रखना तथा विनियमित करना एवं लागू करना तथा ऐसे अनुशासनात्मक उपाय करना जैसे कि आवश्यक समझे जाएं; (तेरह) विश्वविद्यालय द्वारा अपेक्षित आचार्य, सह आचार्य, सहायक आचार्य, और कोई अन्य अध्यापन, विद्या या गवेषणा पदों को संस्थित करना; (चौदह) विश्वविद्यालय के आचार्य, सह आचार्य, सहायक आचार्य, अनुसंधानकर्ता तथा अन्य कर्मचारियों के रूप में व्यक्तियों को नियुक्त करना; (पन्द्रह) अध्येतावृत्तियां, छात्रवृत्तियां, पुरस्कार तथा पदक संस्थित करना तथा प्रदान करना; (सोलह) गवेषणा तथा अन्य कार्यों के मुद्रण, प्रत्युत्पादन तथा प्रकाशन के लिये उपबंध करना और प्रदर्शनियां आयोजित करना; (सत्रह) विधि, न्याय तथा सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में गवेषणा को प्रायोजित करना तथा उसकी जिम्मेदारी लेना; (अठारह) ऐसे प्रयोजनों के लिये, जिन पर परस्पर सहमति हो, ऐसे निबंधनों तथा शर्तों पर जो कि विश्वविद्यालय समय-समय पर अवधारित करे, विधि, न्याय, सामाजिक विकास और सहबद्ध विषयों में शिक्षा, प्रशिक्षण तथा गवेषणा के मामले में किसी अन्य संस्था या संगठन के साथ सहयोग करना; (उन्नीस) अध्यापकों तथा विद्वानों के आदान-प्रदान द्वारा विश्वविद्यालय के पूर्णतः या अन्यथा सदृश उद्देश्यों वाली विश्व के किसी भी भाग की उच्च शिक्षा की संस्थाओं के साथ सहयोग करना और ऐसा सामान्यतः ऐसी रीति में करना जैसा कि विश्वविद्यालय के सामान्य उद्देश्यों के लिये सहायक हो; (बीस) विश्वविद्यालय के व्ययों का विनियमन करना तथा उसके लेखाओं का प्रबंध करना; (इक्कीस) विश्वविद्यालय के परिसर के भीतर ऐसे विद्यापीठ, तथा अध्ययन कक्ष स्थापित करना तथा उनका अनुरक्षण करना जैसा कि विश्वविद्यालय आवश्यक समझे तथा उन्हें पर्याप्त रूप से सुसज्जित करना; (बाईस) ऐसे पुस्तकालयों तथा वाचनालयों को स्थापित करना तथा उनका अनुरक्षण करना जो कि विश्वविद्यालय के लिए सुविधापूर्ण अथवा आवश्यक प्रतीत हों; (तेईस) विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिये अनुदान, आर्थिक सहायता, अभिदान, संदान तथा दान प्राप्त करना; (चौंतीस) कोई ऐसी भूमि, भवन या संकर्म, जो विश्वविद्यालय के प्रयोजन के लिये आवश्यक या सुविधाजन क हो तथा ऐसे निबंधनों और शर्तों पर जो वह आवश्यक तथा उचित समझे, क्रय करना, पट्टे पर प्राप्त करना या दान के रूप में या अन्यथा स्वीकार करना और ऐसी किसी भूमि तथा भवन या संकर्म का संनिर्माण करना या उसमें परिवर्तन करना और उसे बनाये रखना; (पच्चीस) विश्वविद्यालय की जंगम या स्थावर समस्त सम्पत्तियों या उनके किसी भाग को, ऐसे निबंधनों तथा शर्तों पर, जो वह आवश्यक तथा उचित समझे तथा विश्वविद्यालय के हितों तथा कार्यकलापों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विक्रय करना, विनिमय करना, पट्टे पर देना या उनका अन्यथा व्ययन करना; (छब्बीस) वचन-पत्रों (प्रामिसरी नोट), विनिमय-पत्रों, चैकों या अन्य प्रक्रम्य लिखतों का आहरण तथा प्रतिगृहीत करना, लिखना और पृष्ठांकन करना, बट्टा (डिस्काउंट) देना और परक्रामण (नेगोशिएट) करना; (सत्ताईस) जंगम या स्थावर सम्पत्ति के संबंध में, जिसमें विश्वविद्यालय की या विश्वविद्यालय के प्रयोजन के लिये अर्जित की जाने वाली राज्य सरकार की प्रतिभूतियां (गवर्नमेन्ट सिक्यूरिटीज) सम्मिलित हैं, हस्तांतरण-पत्र, अन्तरण, पुनरहस्तांतरण पत्र, बंधक, पट्टे, अनुज्ञप्तियां तथा करार निष्पादित करना; (अट्ठाईस) विश्वविद्यालय की ओर से कोई लिखत निष्पादित करने या उसके विश्वविद्यालय के किसी कारबार का संचालन करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को जिसे वह उचित समझे, नियुक्त करना; (उन्नीस) विश्वविद्यालय की किन्हीं कक्षाओं या विभागों को समाप्त करना या तथा उनका चलाना बंद करना; (तीस) केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या किसी अन्य प्राधिकारियों के साथ अनुदान प्राप्त करने के लिये कोई करार करना या सहभागिता करना; (इकत्तीस) ऐसे निबंधनों तथा शर्तों पर जैसी कि समीचीन समझी जाएं, मुद्रा अनुदान (ग्रांट्स ऑफ मनी), प्रतिभूतियां या किसी प्रकार या भांति की संपत्ति स्वीकार करना; (बत्तीस) विश्वविद्यालय की समस्त या किन्हीं भी सम्पत्तियों या आस्तियों के आधार पर या उन पर आधारित बंध-पत्रों, बंधकों, वचन-पत्रों या अन्य बाध्यताओं या प्रतिभूतियों पर या किन्हीं प्रतिभूतियों के बिना और ऐसे निबंधनों तथा शर्तों पर, जैसा कि वह उचित समझें, धन प्राप्त करना तथा उधार लेना और धन प्राप्त करने से आनुषंगिक समस्त व्ययों का भुगतान विश्वविद्यालय की निधियों में से करना और उधार लिये गये किसी धन या किए गए ऋण का प्रतिदाय तथा मोचन करना; (तैंतीस) विश्वविद्यालय की निधियां या विश्वविद्यालय को सौंपे गए धन, ऐसी प्रतिभूतियों या निक्षेपों में या पर तथा ऐसी रीति में, जो वह उचित समझे, विनहित करना और किन्हीं विनिधानों का समय-समय पर अन्तर्विनिमय (ट्रांसपोज) करना; (चौंतीस) ऐसे परिनियम, अध्यादेश विनियम तथा अन्य लिखत बनाना, जो समय-समय पर विश्वविद्यालय तथा उसकी संपत्तियों के कार्यकलापों तथा प्रबंध का विनियमन करने के लिये आवश्यक समझे जाएं और उनमें परिवर्तन, उपान्तरण करना तथा उन्हें विखंडित करना; (पैंतीस) विद्या संबंधी तकनीकी, प्रशासनिक और अन्य कर्मचारिवृन्द के फायदे के लिये, ऐसी रीति में और ऐसी शर्तों के अध्यधीन रहते हुए जो कि विहित की जाएं, बीमा, भविष्य निधि, उपदान और अन्य योजनाएं जैसा कि वह उचित समझे, निधि गठित करना और विश्वविद्यालय के किन्हीं कर्मचारिवृन्द के फायदे के लिये ऐसा अनुदान देना जैसा कि वह उचित समझे और ऐसी संस्थाओं, संस्थाओं, निधियों और न्यासों के स्थापित किये जाने में सहायता करना, और उनका संवर्धन करना जो कि विश्वविद्यालय के कर्मचारिवृन्द तथा छात्रों के फायदे के लिये आशयित हों; (छत्तीस) विनियमों में विहित रीति में, मानद उपाधियां तथा अन्य विशिष्टताएं प्रदान करना; (सैंतीस) अपनी समस्त या किन्हीं शक्तियों को कुलपति या किसी समिति या अपने निकाय के किसी एक या अधिक सदस्यों को या अपने अधिकारियों को प्रत्यायोजित करना; (अड़तीस) अध्यापन तथा गवेषणा के लिये विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, संग्रहालयों तथा अन्य उपकरण को आयोजित करना; (उनतालीस) अध्यापन विभागों, विद्या शाखा, अध्ययन केन्द्रों तथा सभा कक्षों को स्थापित करना, अनुरक्षण करना और प्रबंध करना; (चालू) ऐसे व्यक्तियों को जो विश्वविद्यालय में नामांकित नहीं हैं, ऐसे व्याख्यान तथा निर्देश उपलब्ध कराना, तथा ऐसी पत्रोपाधियां तथा प्रमाण-पत्र प्रदान करना जैसा कि विश्वविद्यालय अवधारित करे; (इकतालीस) जनता के कमजोर वर्गों और विशिष्टतया अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के शैक्षणिक हितों को विशेष सावधानी से अग्रसर करना; (बयालीस) विश्वविद्यालय के अध्यापकों तथा पूर्व छात्रों को पुनश्चर्या तथा व्यवसाय पाठ्यक्रमों की सुविधाएं उपलब्ध कराना, जैसा कि विश्वविद्यालय उचित समझे; (तैंतालीस) अन्य विश्वविद्यालयों तथा प्राधिकारियों के साथ ऐसी रीति में तथा ऐसे प्रयोजनों के लिए जैसा कि विश्वविद्यालय अवधारित करे, सहकार तथा सहयोग करना; (चवालीस) निम्न के लिये उपबंध करना: (क) पाठ्यक्रम अतिरिक्त अध्यापन तथा विस्तारी सेवाएं; (ख) पत्राचार पाठ्यक्रम; (ग) शारीरिक प्रशिक्षण; (घ) खेल एवं एथलेटिक क्रियाकलाप; (ङ) सामाजिक सेवा योजनाएं; (च) उपाधि पत्र पाठ्यक्रम; तथा (छ) प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम; (पैंतालीस) निम्नलिखित संस्थित करना तथा उसका प्रबंध करना : (क) सूचना ब्यूरो; (ख) रोजगार ब्यूरो; तथा (ग) मुद्रण तथा प्रकाशन विभाग तथा अनुवाद ब्यूरो; (छियालीस) विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिये मानक अवधारित करना, जिसमें परीक्षा, मूल्यांकन या परीक्षण का कोई अन्य तरीका सम्मिलित हो सकेगा; (सैंतालीस) महिला छात्रों के संबंध में विशेष व्यवस्थाएं करना, जैसा कि विश्वविद्यालय वांछनीय समझे; (अड़तालीस) कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं व्यापक कल्याण के लिये व्यवस्थाएं करना; (उनचास) ऐसे समस्त अन्य कार्य तथा बातें करना, चाहे वह उपरोक्त शक्तियों के आनुषंगिक हों अथवा नहीं, जैसा कि विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को अग्रसर करने के उद्देश्य से आवश्यक हों.
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