section 38
प्रायोजित योजना तथा स्ववित्तीय योजना
The Madhya Pradesh National Law Institute University Act, 2018(१) जब कभी भी विश्वविद्यालय, किसी सरकार से, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या योजना को प्रायोजित करने वाली किसी अन्य एजेंसी से कोई निधि प्राप्त करता है जो विश्वविद्यालय द्वारा निष्पादित की जानी है, इस अधिनियम या विनियमों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी— (एक) प्राप्त रकम विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय निधि से पृथक् रखी जाएगी और केवल योजना के प्रयोजन के लिए ही उपयोजित की जाएगी; और (दो) योजना के निष्पादन के लिए अपेक्षित कर्मचारीवृंद, प्रायोजित संस्थान (संगठन) द्वारा अधिकथित निबंधनों तथा शर्तों के अनुसार भर्ती किए जाएंगे: परन्तु ऐसे कोई कर्मचारीवृंद चाहे शैक्षणिक या गैर-शैक्षणिक को उक्त योजना के पूर्ण हो जाने के पश्चात् नियमित विश्वविद्यालय कर्मचारी के रूप में आमेलित होने अथवा नियुक्त होने का तब तक अधिकार नहीं होगा, जब तक कि विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्ति के प्रारंभिक प्रक्रम में स्पॉन्सरशिप की शर्तों पर आधारित, ऐसा कोई अभिव्यक्त वचन (कमिटमेंट) न किया हो. (२) विश्वविद्यालय की स्ववित्तीय योजना ऐसी रीति में संचालित की जाएगी जैसी कि विनियमों द्वारा विहित की जाए.
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.