section 24
विद्या परिषद् के सम्मेलन
The Madhya Pradesh National Law Institute University Act, 2018(१) विद्या परिषद्, उतनी बार, जितनी कि आवश्यक हो, सम्मेलन करेगी किन्तु किसी एक शैक्षणिक वर्ष के दौरान कम से कम दो बार सम्मेलन करेगी. (२) विद्या परिषद् का अध्यक्ष, विद्या परिषद् के सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा और उसकी अनुपस्थिति में सम्मेलन की अध्यक्षता करने के लिए उपस्थित सदस्य अपने में से एक व्यक्ति को निर्वाचित करेंगे. (३) विद्या परिषद् के सम्मेलन के लिए विद्या परिषद् के सदस्यों की कुल संख्या के आधे सदस्यों से गणपूर्ति होगी. (४) विद्या परिषद् के प्रत्येक सदस्य को एक मत देने का अधिकार होगा और यदि विद्या परिषद् द्वारा अवधारित किए जाने वाले किसी प्रश्न पर बराबर-बराबर मत है तो विद्या परिषद् के अध्यक्ष को यथास्थिति, सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले सदस्य को, उसके अतिरिक्त, एक निर्णायक मत होगा. (५) यदि विद्या परिषद् द्वारा तुरन्त कार्रवाई की जाना आवश्यक हो जाता है तो कुलपति, विद्या परिषद् के सदस्य में कागज पत्रों के परिचालन द्वारा कामकाज का संचालन किया जाना अनुज्ञात कर सकेगा, की जाने के लिए प्रस्तावित कार्रवाई तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि इस पर विद्या परिषद् के सदस्यों के बहुमत द्वारा उसकी सहमति नहीं दे दी जाती है, इस प्रकार की गई कार्रवाई की संसूचना विद्या परिषद् के समस्त सदस्यों को तुरन्त दी जाएगी, संबंधित कागज-पत्र विद्या परिषद् के आगामी सम्मेलन में उसकी पुष्टि के लिए रखे जाएंगे.
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