section 47
रिक्तियों के कारण प्राधिकारियों या निकायों की कार्यवाहियां अविधिमान्य नहीं होंगी
The Madhya Pradesh National Law Institute University Act, 2018(१) इस बात के होते हुए भी कि साधारण परिषद्, कार्य परिषद्, विद्या परिषद् या विश्वविद्यालय के किसी अन्य प्राधिकारी या निकाय का गठन सम्यक् रूप से नहीं हुआ है या किसी समय इसके गठन या पुनर्गठन में कोई त्रुटि है और इस बात के होते हुए भी कि विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकारी, समिति या निकाय का कोई कार्य या कार्यवाही केवल इस कारण अविधमान्य नहीं होगी कि— (क) उसके गठन में कोई रिक्ति या त्रुटि है; या (ख) उसके सदस्य के रूप में कार्य कर रहे किसी व्यक्ति के निर्वाचन, नामनिर्देशन या नियुक्ति में कोई त्रुटि है; या (ग) उसकी प्रक्रिया में कोई ऐसी अनियमितता है जो मामले के गुणागुण पर प्रभाव नहीं डालती है. (२) विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकारी या निकाय का कोई संकल्प इस कारण अविधमान्य नहीं समझा जाएगा कि उसके किसी सदस्य पर सूचना की तामील में कोई अनियमितता हुई है बशर्ते ऐसा प्राधिकारी या निकाय की कार्यवाहियां ऐसी अनियमितता के कारण प्रतिकूलतः प्रभावित नहीं हुई हों.
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