section 7
संस्थान का कुलाध्यक्ष
The Rashtriya Vidhi Sansthan Vishwavidyalaya Adhiniyam, 1997(1) भारत का मुख्य न्यायमूर्ति संस्थान का कुलाध्यक्ष (विजिटर) होगा। (2) कुलाध्यक्ष को यह अधिकार होगा कि वह ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा, जिसे वह निदेश दे संस्थान, उसके भवनों, पुस्तकालयों तथा उपकरणों का और संस्थान द्वारा संधारित किसी संस्था का और संस्थान द्वारा संचालित परीक्षाओं, अध्यापन तथा किए गए अन्य कार्यों का निरीक्षण करवाएं और उसी रीति में संस्थान के प्रशासन तथा वित्त व्यवस्था से संबंधित किसी मामले के संबंध में जांच करवाए। (3) कुलाध्यक्ष प्रत्येक मामलों में ऐसा निरीक्षण या जांच कराए जाने के अपने आशय की सूचना संस्थान को देगा और संस्थान इस हेतु हकदार होगा कि वह एक ऐसा प्रतिनिधि नियुक्त करे जिसे यह अधिकार होगा कि वह ऐसे निरीक्षण या जांच में उपस्थित रहे तथा उसकी सुनवाई की जाए। (4) कुलाध्यक्ष, ऐसे निरीक्षण या ऐसी जांच के परिणाम के संदर्भ में निदेशक को संबोधित कर सकेगा और निदेशक, कुलाध्यक्ष के विचार और उसके साथ उस पर की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में कुलाध्यक्ष द्वारा दी गई सलाह साधारण परिषद को संसूचित करेगा। (5) साधारण परिषद, निदेशक के माध्यम से कुलाध्यक्ष को, ऐसी कार्रवाई, यदि कोई हो, जो उसके द्वारा ऐसे निरीक्षण या जांच के संबंध में की जाना प्रस्तावित है या जो की गई है, संसूचित करेगा।
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